
Sales Tax Office Gorakhpur Fire: उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में शुक्रवार की आधी रात आग की लपटों ने सरकारी रिकॉर्ड को अपनी चपेट में ले लिया। रामगढ़ताल थाना क्षेत्र के तारामंडल स्थित जीएसटी-सेल टैक्स ऑफिस में लगी इस भीषण आग में करोड़ों के दस्तावेज, कंप्यूटर और फर्नीचर जलकर पूरी तरह खाक हो गए हैं।
गोरखपुर के पॉश इलाके तारामंडल स्थित जीएसटी जोनल कार्यालय (सेल टैक्स ऑफिस) में शुक्रवार, 10 जनवरी की रात करीब 12:20 बजे अचानक आग लग गई। कार्यालय की पहली मंजिल (फर्स्ट फ्लोर) से धुएं का काला गुबार और आग की ऊंची लपटें उठते देख आसपास के निवासियों और राहगीरों में हड़कंप मच गया।, प्रत्यक्षदर्शियों ने तत्काल इसकी सूचना रामगढ़ताल थाना पुलिस और अग्निशमन विभाग को दी। घटना के वक्त कार्यालय बंद था, जिसके कारण अंदर कोई कर्मचारी मौजूद नहीं था।
12 दमकल गाड़ियों से 10 घंटे तक चला रेस्क्यू ऑपरेशन
आग इतनी विकराल थी कि शुरुआती दौर में भेजे गए दो फायर टैंकर नाकाफी साबित हुए। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जनपद के विभिन्न फायर स्टेशनों से एक के बाद एक कुल 12 फायर टैंकरों को मौके पर बुलाया गया।, अग्निशमन कर्मियों ने अपनी जान जोखिम में डालकर करीब 10 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद शनिवार सुबह आग पर पूरी तरह काबू पाया। इस दौरान पुलिस ने सुरक्षा के लिहाज से पूरे क्षेत्र को घेरे में ले लिया और आवागमन को नियंत्रित किया ताकि बचाव कार्य में कोई बाधा न आए।
करोड़ों का नुकसान: जलकर राख हुए महत्वपूर्ण सरकारी दस्तावेज
के इस अग्निकांड में की पहली मंजिल पूरी तरह से जलकर नष्ट हो गई है। मुख्य अग्निशमन अधिकारी संतोष कुमार राय के अनुसार, आग ने कार्यालय के भीतर रखे सभी महत्वपूर्ण रिकॉर्ड, अलमारियां, फॉल सीलिंग और फर्नीचर को अपनी चपेट में ले लिया।, इसके अलावा, कार्यालय में मौजूद दर्जनों कंप्यूटर और डिजिटल डेटा स्टोर करने वाले उपकरण भी पूरी तरह जल गए हैं।, विभाग अब आग से हुए कुल नुकसान का आकलन करने में जुटा है, लेकिन माना जा रहा है कि कई वर्षों के पुराने टैक्स रिकॉर्ड और फाइलें अब हमेशा के लिए खत्म हो गई हैं।
शॉर्ट सर्किट की आशंका: जांच में जुटा विभाग
आग लगने के स्पष्ट कारणों का अभी तक पता नहीं चल पाया है, लेकिन प्राथमिक जांच में शॉर्ट सर्किट को मुख्य वजह माना जा रहा है। मुख्य अग्निशमन अधिकारी ने बताया कि देर रात का समय होने और कार्यालय बंद होने के कारण किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई, जो इस बड़ी त्रासदी में एकमात्र राहत की बात रही। हालांकि, इतने महत्वपूर्ण सरकारी दफ्तर में आग से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम थे या नहीं, इसकी भी गहराई से जांच की जा रही है।



