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बार-बार पेशाब आना और यूरीन में लगातार जलन हो सकते हैं ब्लैडर कैंसर के संकेत, कैंसर विशेषज्ञ ने कहा बिल्कुल नहीं करें नज़रअंदाज

भागदौड़ भरी जिंदगी में बारबार पेशाब आना या पेशाब के दौरान हल्की जलन महसूस होना एक सामान्य समस्या लग सकती है, जिसे अक्सर लोग कम पानी पीने या साधारण यूरिन इन्फेक्शन का असर मानकर नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि शरीर के ये छोटेछोटे इशारे किसी बड़ी बीमारी की दस्तक भी हो सकते हैं। पुरुषों की तुलना में महिलाएं अपनी सेहत को ज्यादा नजरअंदाज करती हैं। महिलाओं को यूरिन से जुड़ी समस्याएं ज्यादा होती हैं जिसे वो अक्सर मसरूफियत के चलते दर गुजर कर देती है। कैंसर विशेषज्ञों के मुताबिक महिलाओं की सेहत को नजरअंदाज करने की आदत उन्हें गंभीर बीमारियों का शिकार बना देती है। ब्लैडर कैंसर एक ऐसी बीमारी है जो महिलाओं में एडवांस स्टेज में पता चलती है और जिंदगी को खत्म कर देती है।  

बार-बार पेशाब आना और यूरीन में लगातार जलन हो सकते हैं ब्लैडर कैंसर के संकेत, कैंसर विशेषज्ञ ने कहा बिल्कुल नहीं करें नज़रअंदाज
बार-बार पेशाब आना और यूरीन में लगातार जलन हो सकते हैं ब्लैडर कैंसर के संकेत, कैंसर विशेषज्ञ ने कहा बिल्कुल नहीं करें नज़रअंदाज

आकाश हेल्थकेयर में डायरेक्टर, सर्जिकल ऑन्कोलॉजी में डॉ.अरुण कुमार गिरी ने बताया ब्लैडर कैंसर पुरुषों की तुलना में महिलाओं में कम पाया जाता है, लेकिन  महिलाओं में इसका निदान अक्सर देर से होता है। यही वजह है कि महिलाओं में इस बीमारी के मामलों में सर्वाइवल रेट पुरुषों की तुलना में कम देखा जाता है। डॉक्टर ने बताया महिलाएं इसके शुरुआती लक्षणों को यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन , स्त्री रोग संबंधी समस्याओं या मेनोपॉज से जुड़ी परेशानियों के रूप में समझ लेती है जिससे इलाज में देरी होती है। आइए एक्सपर्ट से जानते हैं कि ब्लैडर कैंसर क्या है,इसके लिए कौन से कारण जिम्मेदार हैं और इसका डायग्नोज कैसे किया जाता है और बचाव कैसे संभव है। 

ब्लैडर कैंसर क्या है?

ब्लैडर शरीर का वो अंग है जहां किडनी से आने वाला पेशाब जमा होता है। जब इसकी अंदरूनी परत की कोशिकाओं में अनियंत्रित वृद्धि होने लगती हैं और ट्यूमर का रूप ले लेती हैं तो ब्लैडर कैंसर पनपने लगता है। आमतौर पर ब्लैडर कैंसर की शुरुआत मूत्राशय की अंदरूनी परत से होती है। यह कैंसर शुरुआती अवस्था में केवल ब्लैडर की सतह तक सीमित रह सकता है, लेकिन समय पर इलाज न मिलने पर यह मूत्राशय की गहरी परतों और शरीर के अन्य अंगों तक भी फैल सकता है।

महिलाओं में ब्लैडर कैंसर के कौन कौन से शुरुआती लक्षण दिखते हैं?

महिलाओं में पेशाब में जलन,पेशाब के दौरान दर्द होना,  बारबार पेशाब आना या पेशाब में खून आने जैसे लक्षण दिखते हैं। कैंसर विशेषज्ञों के अनुसार, अगर पेशाब में लगातार जलन हो रही हो और बारबार टॉयलेट जाने की जरूरत पड़ रही हो, तो इसे हल्के में बिल्कुल नहीं लेना चाहिए। यह ब्लैडर कैंसर का शुरुआती संकेत हो सकता है। किसी भी गंभीर स्थिति से बचने के लिए इसके लक्षणों की सही समय पर पहचान और सही कदम उठाना बेहद जरूरी है।

महिलाओं में ब्लैडर कैंसर का प्रमुख कारण

ऑन्कोलॉजिस्ट के मुताबिक महिलाएं अब पुरुषों से ज्यादा स्मोकिंग करने लगी हैं जो ब्लैडर कैंसर के लिए जिम्मेदार कारक है। इसके अलावा लंबे मय तक रहने वाला यूरिन इंफेक्शन यानी क्रॉनिक UTI, ब्लैडर में लंबे समय तक पथरी का बने रहना और कुछ औद्योगिक रसायनों के संपर्क में आना भी इस कैंसर के खतरे को बढ़ा सकता है। जिन लोगों का काम केमिकल इंडस्ट्री या फैक्ट्री में होता है, उनमें इस बीमारी का जोखिम अधिक हो सकता है। मोटापा, डायबिटीज और शारीरिक गतिविधि की कमी भी कैंसर के जोखिम को बढ़ा सकती है।

महिलाओं में क्यों होती है पहचान में देरी?

विशेषज्ञ बताते हैं कि महिलाओं में पेशाब में खून आने या बारबार यूरिन इंफेक्शन की शिकायत को अक्सर सामान्य संक्रमण या स्त्री रोग संबंधी समस्या मान लिया जाता है। कई महिलाएं पहले स्त्री रोग विशेषज्ञ के पास जाती हैं और कैंसर की जांच में देरी हो जाती है। वहीं मेनोपॉज के बाद होने वाली ब्लीडिंग और पेशाब में आने वाले खून के बीच अंतर कर पाना भी कई बार मुश्किल हो जाता है जो इस कैंसर की पहचान करने में देरी करता है।

ब्लैडर कैंसर का निदान कैसे किया जाता है?

ब्लैडर कैंसर की जांच के लिए कई टेस्ट किए जाते हैं। सबसे पहले डॉक्टर मरीज की फैमिली हिस्ट्री देखते हैं और उसके बाद सिस्टोस्कोपी नामक जांच की जाती है, जिसमें एक पतली दूरबीन के जरिए मूत्राशय के अंदर की जांच की जाती है। यदि कोई असामान्य गांठ या घाव दिखाई देता है तो उसकी बायोप्सी की जाती है। इसके अलावा सीटी स्कैन, एमआरआई और PETCT जैसी इमेजिंग जांचों की मदद से कैंसर की स्टेज और फैलाव का पता लगाया जाता है।

ब्लैडर कैंसर के लिए जरूरी जांचे

यूरिन टेस्ट, सिस्टोस्कोपी , बायोप्सी, सीटी स्कैन और एमआरआई जैसी जांचें की जाती हैं।

ब्लैडर कैंसर के वार्निंग साइन जरूर समझें

  • बिना डाइटिंग और वर्कआउट के वजन का कम होना,
  • लगातार बुखार बना रहता हो,
  • पेशाब या मल त्याग की आदतों में बदलाव दिखाई देना,
  • शरीर में कोई गांठ लंबे समय तक बने रहना ब्लैडर कैंसर या दूसरे किसी भी कैंसर के वार्निंग साइन हो सकते हैं।

ब्लैडर कैंसर से बचाव के उपाय

डॉक्टरों के अनुसार धूम्रपान और तंबाकू उत्पादों से दूरी बनाना ब्लैडर कैंसर से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका है। शराब का सेवन सीमित करना, नियमित शारीरिक गतिविधि करना, वजन को कंट्रोल रखना और संतुलित आहार अपनाना भी जोखिम को कम कर सकता है। कैंसर जैसी बीमारी से बचाव करने के लिए डाइट में हरी सब्जियों का सेवन बढ़ाएं। डाइट में फल और फाइबर युक्त खाद्य पदार्थों को शामिल करें। ऑयली, फैटी फूड, बहुत ज्यादा वसा और रेड मीट का सेवन करने पर कंट्रोल करें।

महिलाओं के लिए विशेषज्ञों की सलाह

एक्सपर्ट के मुताबिक अगर किसी भी महिला को पेशाब में खून आ रहा है, बारबार यूरीन में इंफेक्शन हो रहा है या फिर पेशाब से जुड़ी कोई दूसरी परेशानी लम्बे समय से बनी हुई है तो आप तुरंत यूरोलॉजिस्ट से परामर्श लें। समय पर जांच और शुरुआती अवस्था में निदान होने पर ब्लैडर कैंसर का इलाज अधिक प्रभावी हो सकता है।

डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सामान्य जानकारी और जागरूकता के उद्देश्य से तैयार किया गया है। इसमें दी गई जानकारी किसी डॉक्टर की सलाह, निदान या उपचार का विकल्प नहीं है। ब्लैडर कैंसर या किसी भी स्वास्थ्य संबंधी समस्या के लक्षण दिखाई देने पर तुरंत योग्य चिकित्सक से परामर्श लें। किसी भी जांच, दवा या उपचार को शुरू करने या बंद करने से पहले विशेषज्ञ की सलाह अवश्य लें।

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