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अपराध से आंदोलन तक: सूरजपुर में कोयला चोरी, खदान बंदी और लेन-देन विवाद ने बढ़ाया तनाव, जानिए पूरा मामला…

सूरजपुर: जिले में एक ही समय में अपराध, श्रमिक आंदोलन और कानून व्यवस्था से जुड़ी तीन महत्वपूर्ण घटनाएं सामने आई हैं, जिनसे जिले का माहौल काफी गर्म हो गया है. एक ओर जहां पुलिस ने कोयला चोरी के बड़े मामले में फरार वाहन स्वामी को गिरफ्तार कर अहम सफलता हासिल की है, वहीं दूसरी ओर बंद पड़ी बलरामपुर कोयला खदान को चालू कराने की मांग को लेकर श्रमिक संगठन एचएमएस ने अनिश्चितकालीन क्रमिक भूख हड़ताल शुरू कर दी है. इसके अलावा विश्रामपुर में लेन–देन के विवाद को लेकर पुस्तक दुकान में घुसकर मारपीट का मामला भी सामने आया है.

पहली बड़ी कार्रवाई गायत्री भूमिगत खदान, गेतरा से जुड़े कोयला चोरी मामले में हुई है. 30 दिसंबर 2025 को खदान से 24 टन कोयला चोरी कर ट्रेलर वाहन में ले जाने के मामले में सूरजपुर पुलिस ने फरार चल रहे ट्रेलर वाहन स्वामी संदीप जायसवाल को गिरफ्तार कर लिया है. यह कार्रवाई डीआईजी व एसएसपी सूरजपुर प्रशांत कुमार ठाकुर के निर्देश पर की गई. पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी ने स्वयं कोयला चोरी कराना स्वीकार किया है. इससे पहले वाहन चालक और सहयोगी कोयला सहित पकड़े जा चुके थे. पुलिस अब अन्य संलिप्त आरोपियों की तलाश में जुटी है.

दूसरी ओर एसईसीएल विश्रामपुर क्षेत्र की बलरामपुर भूमिगत खदान को बंद किए जाने के विरोध में श्रमिक संगठन कोयला मजदूर सभा (एचएमएस) के नेतृत्व में अनिश्चितकालीन क्रमिक भूख हड़ताल शुरू हो गई है. महाप्रबंधक कार्यालय के सामने पहले दिन श्रमिक सुशील राम, राम भरोस, सुरेंद्र, रूपसाय, सुखदेव और उमेश सिंह भूख हड़ताल पर बैठे. संगठन के नेताओं ने आरोप लगाया कि खदान को षड्यंत्रपूर्वक बंद किया गया है, जबकि इसमें लगभग 30 लाख टन कोयले का भंडार मौजूद है. श्रमिक नेताओं ने इसे मजदूरों, क्षेत्र और देशहित के खिलाफ बताते हुए खदान तत्काल चालू करने की मांग की है. प्रबंधन से हुई चर्चा के असफल रहने के बाद आंदोलन को तेज कर दिया गया है.

तीसरी घटना विश्रामपुर नगर से सामने आई है, जहां उधार दिए गए रुपये की वसूली को लेकर विवाद इतना बढ़ गया कि मामला मारपीट और पुलिस केस तक पहुंच गया. मुख्य बाजार स्थित एक पुस्तक दुकान में अंडा व्यावसायी मोहम्मद रहमतुला खान अपने परिवार के साथ जबरन घुसकर तोड़फोड़ और मारपीट करने का आरोप है. दुकानदार की शिकायत पर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है. वहीं दूसरे पक्ष ने भी काउंटर शिकायत दर्ज कराई है. पुलिस ने दोनों पक्षों के खिलाफ प्रकरण कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है.

इन तीनों घटनाओं ने यह साफ कर दिया है कि सूरजपुर जिले में जहां एक ओर पुलिस अपराधों पर सख्ती दिखा रही है, वहीं दूसरी ओर श्रमिकों की समस्याएं और आपसी विवाद भी प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बने हुए हैं. अब सभी की निगाहें प्रशासन और पुलिस की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई हैं.

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