
Wardha Cyber Fraud: वर्धा जिले में ऑनलाइन फ्रॉड के मामलों में लगातार इजाफा हो रहा है। साइबर अपराधी नई-नई तरकीबें अपनाकर आम नागरिकों को ठग रहे हैं। वर्ष 2025 में जनवरी से अब तक जिले में ऑनलाइन ठगी के कुल 32 प्रकरण दर्ज किए गए हैं, जिनमें ठगों ने नागरिकों से 1 करोड़ 86 लाख 91 हजार रुपये की बड़ी रकम हड़प ली है। बढ़ते मामलों ने पुलिस प्रशासन के साथ-साथ आम जनता की चिंता भी बढ़ा दी है।
हालांकि राहत की बात यह है कि साइबर पुलिस ने सक्रियता दिखाते हुए अब तक 9 मामलों का सफलतापूर्वक पर्दाफाश किया है। ऑनलाइन शॉपिंग, फर्जी कॉल, लिंक भेजकर बैंक जानकारी हासिल करना, केवाईसी अपडेट के नाम पर ठगी, ओटीपी मांगकर खाते खाली करना जैसे तरीकों से साइबर अपराधी लोगों को अपना शिकार बना रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि जागरूकता की कमी के कारण नागरिक आसानी से इन जालसाजों के झांसे में आ जाते हैं।
नागरिकों ने सावधानी बरतना जरूरी
साइबर पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी अनजान कॉल, लिंक या मैसेज पर भरोसा न करें, अपनी बैंक और ओटीपी जानकारी किसी से साझा न करें और संदेह होने पर तुरंत साइबर हेल्पलाइन या नजदीकी पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराएं।
साइबर सेल विभाग कर रहा जनजागरण
स्थानीय साइबर सेल विभाग ऑनलाइन फ्रॉड से नागरिकों ने बचने के लिए व्यापक तौर पर जनजागरण मुहिम चला रहा है। शहर के सार्वजनिक स्थल, सरकारी कार्यक्रम, मेला, समारोह आदि ठिकाणो पर स्टॉल लगाते हुए बैनर, पाम्प्लेट बांट कर जनजागरण कर रहे हैं।
पाइंटर
- जनवरी 2025 से अब तक दर्ज मामले – 32
- कुल ठगी की राशि – 1,86,91,000
- साइबर पुलिस द्वारा सुलझाए गए मामले – 9
ऑनलाइन फ्रॉड से जुड़े अहम तथ्य
- फर्जी कॉल और लिंक
- केवाईसी अपडेट का झांसा
- ओटीपी और बैंक डिटेल मांगना
- ऑनलाइन शॉपिंग व निवेश धोखाधड़ी
- एपीके फाईल्स के नाम पर फ्रॉड
- सेक्सस्टॉर्शन मामले में धोखाधड़ी
- पार्सल फ्रॉड के नाम पर ठगी



