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सुकेवाड़ी में 1.25 करोड़ का गांजा ज़ब्त, नासिक एंटी-ड्रग टास्क फोर्स की कार्रवाई, तस्कर पडवाल फरार

सुकेवाड़ी में 1.25 करोड़ का गांजा ज़ब्त, नासिक एंटी-ड्रग टास्क फोर्स की कार्रवाई, तस्कर पडवाल फरार

Nashik Anti-Drug Task Force: सुकेवाड़ी में नासिक एंटी-ड्रग टास्क फोर्स ने गुरुवार सुबह एक सरप्राइज़ ऑपरेशन में 1 करोड़ 14 लाख 50 हजार रुपये कीमत का 456 किलो 192 ग्राम गांजा ज़ब्त किया। यह कार्रवाई संगमनेर (ता.) शहर के पास की गई। आरोपी तुषार उत्तम पडवाल (निवासी: सुकेवाड़ी, संगमनेर) मौके से फरार हो गया है और पुलिस उसकी तलाश में जुटी है।

पुलिस यह पता लगाने में लगी है कि यह माल किसे सप्लाई किया जा रहा था, किससे खरीदा गया था और इस रैकेट का असली मास्टरमाइंड कौन है। शिकायत टास्क फोर्स के कॉन्स्टेबल वैभव पंधारे ने दर्ज कराई है। जानकारी के मुताबिक यह पूरा रैकेट तुषार पडवाल के घर से संचालित हो रहा था।

गुलाबराव पाटिल को गोपनीय सूचना

नासिक डिवीजन एंटी-ड्रग टास्क फोर्स के डिप्टी सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस गुलाबराव पाटिल को गोपनीय सूचना मिली थी कि सुकेवाड़ी गांव में कुछ युवक ड्रग्स की बिक्री कर रहे हैं और इसके पीछे एक बड़ा गिरोह सक्रिय है। पाटिल टीम के साथ सुकेवाड़ी पहुंचे और जांच में उन्हें पक्का विश्वास हो गया कि यह गांजा तस्करी तुषार पडवाल के घर से चल रही है। घर की तलाशी लेने पर 300 किलो गांजा बरामद हुआ, जिसके बाद पूरे घर की विस्तृत तलाशी ली गई।

युवा वर्ग को नशे में फंसाया जा रहा

संगमनेर शहर में ड्रग्स व गांजे की तस्करी लगातार बढ़ रही है और युवाओं को इसकी लत में धकेला जा रहा है। भी बड़े पैमाने पर होती है। इस कार्रवाई ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि स्थानीय पुलिस इस बढ़ती समस्या को रोकने में नाकाम क्यों रही है। नागरिकों की मांग है कि नासिक टास्क फोर्स ऐसे गिरोहों के खिलाफ और सख्त कार्रवाई करे।

टेम्पो में छिपे थे पैकेट

पडवाल के घर के पास खड़े एक “छोटा हाथी” टेम्पो की जांच करने पर उसमें गांजे से भरे पैकेट मिले। बड़े पर्दे से ढके इस वाहन में 150 किलो गांजा छुपाया गया था। इतनी बड़ी मात्रा में गांजा बरामद होने पर डिप्टी एसपी गुलाबराव पाटिल की कार्रवाई की सराहना की जा रही है, जबकि लोकल पुलिस पर सवाल उठ रहे हैं।

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गांव में चर्चा तेज

तालुका में पहले भी हजारों रुपये की मात्रा का गांजा जब्त हुआ है, लेकिन करोड़ों की कीमत का गांजा पहली बार पकड़ा गया है। सुकेवाड़ी के निवासियों को यह जानकारी ही नहीं थी कि तुषार पडवाल में शामिल है। गांव में यह चर्चा भी तेज है कि नासिक टास्क फोर्स को इतनी बड़ी खेप की जानकारी कैसे मिली और स्थानीय पुलिस को इसका कोई अंदाज़ा क्यों नहीं हुआ।

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