सूरजपुर : तमोर पिंगला अभ्यारण्य एक बार फिर सुर्खियों में है, लेकिन इस बार वजह हरियाली नहीं, बल्कि अंदर ही अंदर सुलग रहा कथित कमीशन का खेल है.पहले से पेड़ों की कटाई, निर्माण कार्यों में अनियमितता और कैम्पा फंड को लेकर उठ रहे सवालों के बीच अब एक नया विवाद सामने आया है, जिसने पूरे सिस्टम की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिन्ह लगा दिया है.
विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार, अभ्यारण्य क्षेत्र में चल रहे निर्माण कार्यों को लेकर अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच कमीशन को लेकर तीखी खींचतान चल रही है.बताया जा रहा है कि कार्य कराने वाले पक्ष द्वारा करीब 18 प्रतिशत तक कमीशन देने की सहमति जताई गई, जबकि उच्च स्तर पर 30 प्रतिशत तक की मांग की जा रही है। यही अंतर अब विवाद की जड़ बन गया है.
सूत्र बताते हैं कि इस मुद्दे को लेकर कार्यालय परिसर में खुलेआम बहस, विवाद और अभद्र भाषा के उपयोग तक की स्थिति बन चुकी है। विभागीय अनुशासन और मर्यादा पर उठते ये सवाल अब सार्वजनिक चर्चा का विषय बन चुके हैं.इस खींचतान का असर सीधे निर्माण कार्यों और मजदूरों पर पड़ रहा है.जानकारी के अनुसार, कमीशन विवाद के चलते कई कार्यों का भुगतान अटका हुआ है, जिससे मजदूरों को समय पर मजदूरी नहीं मिल पा रही है.परिणामस्वरूप, श्रमिकों में असंतोष और आर्थिक संकट की स्थिति उत्पन्न हो गई है.
गौरतलब है कि इससे पहले भी तमोर-पिंगला क्षेत्र में वर्ष 2020 से 2024 के बीच बड़े पैमाने पर पेड़ों की कटाई, निर्माण कार्यों में पारदर्शिता की कमी और कैम्पा फंड के उपयोग को लेकर गंभीर आरोप लग चुके हैं.इन मामलों में शिकायतें भी दर्ज कराई गईं, लेकिन अब तक ठोस कार्रवाई नहीं होने से लोगों का भरोसा डगमगाने लगा है.
इसी बीच हाथी रेस्क्यू सेंटर से जुड़ा मामला भी सामने आया है, जहां लाखों रुपये के खर्च को लेकर गड़बड़ी के आरोप लगाए जा रहे हैं। सूत्रों का दावा है कि भोजन और देखरेख की व्यवस्था कागजों में पूरी दिखाई जा रही है, जबकि जमीनी हकीकत अलग हो सकती है.
लगातार सामने आ रहे इन मामलों ने तमोर पिंगला अभ्यारण्य को एक बार फिर सवालों के घेरे में ला खड़ा किया है। अब नजर इस बात पर है कि क्या इन आरोपों पर समयबद्ध और निष्पक्ष जांच हो पाएगी, या फिर यह मामला भी फाइलों और आश्वासनों में उलझकर रह जाएगा.
क्षेत्रवासियों और संबंधित पक्षों में अब यह सवाल गूंज रहा है—क्या सच सामने आएगा या फिर जंगल की तरह यह मामला भी खामोशी में दब जाएगा?
होगी कड़ी कार्रवाई: श्री केरकेट्टा
इस संबंध में एसडीओ विजय भूषण केरकेट्टा ने बताया कि वे वर्तमान में बाहर हैं, लेकिन वापस लौटते ही पूरे मामले की जांच कराई जाएगी। उन्होंने आश्वस्त किया कि यदि किसी प्रकार की अनियमितता सामने आती है, तो संबंधितों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी.



