
अक्सर ये कहा जाता है कि महिलाओं को हनुमान जी का पूजन नहीं करना चाहिए. हालांकि, यह धारणा सिर्फ मान्यताओं के अनुसार है. शास्त्रों में ये कही नहीं कहा गया है कि महिलाएं हनुमान जी की पूजा न करें. लेकिन, धर्म शास्त्रों में महिलाओं को हनुमान जी की पूजा करते समय कुछ विशेष नियमों का पालन करने के लिए अवश्य कहा गया है.
महिलाओं को हनुमान जी की पूजा करते समय धर्म शास्त्रों में बताए इन नियमों का पालन जरूर करना चाहिए और कुछ गलतियां तो भूलकर भी नहीं करनी चाहिए. अगर महिलाएं हनुमान जी की पूजा के समय ये गलतियां करती हैं, तो उनको पूजा का पूरा प्राप्त नहीं होता. ऐसे में आइए इसके बारे में विस्तार से जानते हैं.
महिलाएं हनुमान जी की पूजा में न करें ये गलतियां
मासिक धर्म के समय पूजा नहीं: मान्यताओं के अनुसार, महिलाओं को मासिक धर्म के समय हनुमान जी की पूजा नहीं करनी चाहिए. महिलाएं चाहें तो इस दौरान मानसिक रुप से उनका स्मरण कर सकती हैं.
मूर्ति को स्पर्श नहीं: मान्यता है कि हनुमान जी ब्रह्मचारी है. इसलिए महिलाओं को विशेष रुप से उनकी मूर्ति को नहीं छूना चाहिए. ऐसे में हनुमानजी की मूर्ति को दूर से प्रणाम करके या फूल चढ़ाकर पूजा करनी चाहिए.
सिंदूर नहीं लगाएं: महिलाओं को अपने आप हनुमान जी की मूर्ति पर चढ़ा सिंदूर नहीं लगाना चाहिए. इसे पंडित से लेकर ही लगाना चाहिए.
चोला न चढ़ाएं: महिलाओं को हनुमान जी पर चोला चढ़ाने से मना किया जाता है. ऐसे में महिलाओं को भगवान को चोला नहीं चढ़ाना चाहिए. केवल पुरुष ही चमेली के तेल में सिंदूर मिलाकर हनुमान जी को चोला चढ़ा सकते हैं.
तामसिक भोजन का सेवन नहीं: मंगलवार और शनिवार के दिन तामसिक भोजन का सेवन नहीं करना चाहिए. ये नियम हनुमान जी की पूजा करने वाली महिलाओं और पुरुषों दोनों को मानना चाहिए. इस दिन लहसून-प्याज का सेवन भी नहीं करना चाहिए.
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