मैहर :जिले में 108 एम्बुलेंस सेवा के अमानवीय व्यवहार का एक शर्मनाक मामला सामने आया है, जहां घायल मरीज के परिजन से ही एम्बुलेंस की सफाई कराई गई. यह घटना तब हुई जब एक मरीज को सतना जिला अस्पताल लाया जा रहा था और रास्ते में उसे उल्टियां हो गईं. सोशल मीडिया पर इस घटना का वीडियो वायरल होने के बाद स्वास्थ्य विभाग और एम्बुलेंस संचालक एजेंसी हरकत में आई है.
मैहर जिले के रामनगर स्थित बाबूपुर गांव में हुए सड़क हादसे में घायल कमलेश रावत को पहले रामनगर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया.उन्हें एम्बुलेंस क्रमांक सीजी 04 एनएस 2488 से सतना जिला अस्पताल रेफर किया गया.
अमानवीय व्यवहार: सतना आते समय घायल कमलेश रावत को उल्टियां हुईं, जिसकी गंदगी वाहन की बॉडी पर फैल गई. इसी गंदगी को घायल की पत्नी मंजू रावत ने पानी से साफ किया, जिसका वीडियो वायरल हो गया.
प्रशासनिक कार्रवाई
घटना की खबर प्रकाशित होने के बाद प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई शुरू कर दी है.एम्बुलेंस का संचालन करने वाली एजेंसी ‘जय अम्बे इमरजेंसी सर्विसेस (जयेस)’ ने एम्बुलेंस के पायलट मनोज पटेल की ड्यूटी तत्काल प्रभाव से होल्ड पर रख दी है.पायलट ने एजेंसी को लिखित सफाई भी दी है.
जवाब-तलब: मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. मनोज शुक्ला ने इस मामले में एजेंसी ‘जय अम्बे इमरजेंसी सर्विसेस’ के डिस्ट्रिक्ट को-ऑर्डिनेटर से जवाब-तलब किया है.
पायलट और एमटी की सफाई
एम्बुलेंस के कर्मचारियों ने अपने ऊपर लगे आरोपों को लेकर सफाई पेश की है.पायलट मनोज पटेल का दावा है कि अस्पताल पहुंचने के बाद वह मरीज को वार्ड में भर्ती कराने गया था और उसे पता नहीं कि गाड़ी धोने के लिए किसने कहा.
पायलट के अनुसार, मरीज के परिजन ने अपनी मर्जी से गंदगी साफ की.
एम्बुलेंस की मेडिकल टेक्नीशियन (एमटी) शिवानी कुशवाहा ओपीडी में मरीज की पर्ची बनवाने में व्यस्त थीं.
यह घटना 108 एम्बुलेंस सेवा के प्रोटोकॉल और कर्मचारियों के व्यवहार पर गंभीर सवाल खड़े करती है। स्वास्थ्य विभाग इस मामले की जांच कर रहा है.




