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IRCTC घोटाले में लालू यादव के खिलाफ आरोपों पर सुनवाई, सिब्बल ने उठाए सीबीआई की मंजूरी पर सवाल

IRCTC घोटाले में लालू यादव के खिलाफ आरोपों पर सुनवाई, सिब्बल ने उठाए सीबीआई की मंजूरी पर सवाल

लालू प्रसाद यादव से जुड़ा IRCTC स्कैम.

दिल्ली हाई कोर्ट में कथित IRCTC स्कैम मामले में बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव और उनके परिवार के सदस्यों के खिलाफ आरोप तय करने वाले ट्रायल कोर्ट के आदेश के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई. जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा की कोर्ट में सीनियर एडवोकेट कपिल सिब्बल ने लालू की तरफ से बहस की. उन्होंने कहा कि सीबीआई दो ऐसी कम्युनिकेशन का जिक्र कर रही है जिनका किसी भी भ्रष्टाचार से कोई लेना-देना नहीं है.

सिब्बल ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा-19 का हवाला देते हुए कहा, जब संज्ञान लिया गया था, तब कोई मंजूरी नहीं थी. अगर मंजूरी नहीं है तो क्या आप आगे बढ़ सकते हैं? सीबीआई कहती है कि उन्होंने बाद में मंजूरी ली. अगर संज्ञान लेने के बाद मंजूरी ली जाती है तो क्या वह वैध है? यह ठीक होने वाली कमी नहीं है.

पहले चार्जशीट, उसके बाद ली गई मंजूरी

सिब्बल ने कहा, अगला सवाल यह है कि क्या मंजूरी जरूरी है भी या नहीं. सुप्रीम कोर्ट में सभी मामलों में ट्रायल पर रोक लगा दी गई है. मामला बड़ी बेंच को भेज दिया गया है. चार्जशीट पहले फाइल की गई थी, मंजूरी बाद में ली गई. दो प्राइवेट ट्रांजेक्शन को ध्यान में नहीं रखा जा सकता. सुनवाई रोजाना की कार्यवाही है. दूसरे केस भी रोज होने चाहिए.

ट्रांजेक्शन का करप्शन एक्ट से कोई लेना-देना नहीं

सिब्बल ने कहा, हमारे पास ऐसे बजट हैं जो लागू नहीं होते लेकिन हमारे पास बजट होटल नहीं हैं. इन ट्रांजेक्शन का करप्शन एक्ट से कोई लेना-देना नहीं है. यह एक प्राइवेट बातचीत है. ट्रांसफर सरकार की पॉलिसी के तहत किया गया था. दिल्ली हाईकोर्ट अब इस मामले में अगली सुनवाई 19 जनवरी को दोपहर 2.30 करेगी. बता दें कि कथित IRCTC स्कैम मामले में बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव और उनके परिवार के सदस्यों ने राउज एवेन्यू कोर्ट द्वारा क्रिमिनल चार्ज तय करने के आदेश के खिलाफ दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका दायर की है.

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