
Nandurbar Murder Case: नंदुरबार जिले के धडगांव तालुका में एक रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना सामने आई है। यहाँ घरेलू हिंसा और नशे की लत ने एक हँसते-खेलते परिवार को तबाह कर दिया। अपनी माँ को रोज पिटता देख एक बेटे का धैर्य जवाब दे गया और उसने खौफनाक कदम उठा लिया।
शराबी पिता के जुल्मों से परेशान था परिवार
महाराष्ट्र के के धडगांव स्थित वेलखेड़ी के खेड़ीबारपाड़ा में रहने वाला 35 वर्षीय किसन वेस्ता वलवी अपनी शराब की लत के कारण परिवार के लिए मुसीबत बन गया था। प्राप्त जानकारी के अनुसार, किसन शराब का आदि था और हर रोज नशे में धुत्त होकर घर लौटता था। वह आते ही अपनी पत्नी के साथ गाली-गलौज करता और उसे बेरहमी से पीटता था। घर में यह स्थिति रोज की बन गई थी, जिससे पूरा परिवार मानसिक रूप से परेशान रहता था। किसन के बेटे दिनेश और उसके भाई (किसन के पड़ोसी भाई) सायसिंग ने कई बार उसे सुधारने की कोशिश की, लेकिन उसकी हरकतों में कोई बदलाव नहीं आया।
जब गुस्से में आकर बेटे ने पिता पर किया जानलेवा वार
घटना वाली रात भी किसन शराब के नशे में घर पहुंचा और अपनी पत्नी को पीटने लगा। अपनी मां की चीखें सुनकर दिनेश का संयम टूट गया। उसने अपने चाचा सायसिंग की मदद ली और दोनों ने मिलकर किसन को पकड़ लिया। गुस्से में आकर उन्होंने पहले उसे लात-घूसों से मारा और फिर लकड़ी के डंडे से किसन के सिर पर जोरदार प्रहार कर दिया। वार इतना घातक था कि सिर पर गंभीर चोट लगने के कारण किसन की मौके पर ही मौत हो गई।
सबूत मिटाने की कोशिश और पुलिस की कार्रवाई
हत्या के बाद आरोपी दिनेश और सायसिंग बुरी तरह डर गए और उन्होंने अपराध को छिपाने की योजना बनाई। वे शव को गांव के पास स्थित पिंपलबार पहाड़ी पर ले गए और उसे एक गहरी खाई में फेंक दिया ताकि किसी को शक न हो। हालांकि, यह राज ज्यादा समय तक छिपा नहीं रह सका। घटना का खुलासा होने पर मृतक के बड़े भाई खेत्या वेस्ता वलवी ने म्हसावद पुलिस स्टेशन में प्राथमिकी दर्ज कराई। पुलिस ने दिनेश और सायसिंग के खिलाफ हत्या और साक्ष्य मिटाने का मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है।
यह दुखद घटना एक चेतावनी है कि घरेलू हिंसा और नशे की लत किस तरह किसी व्यक्ति के विवेक को खत्म कर देती है, जिससे एक दबावपूर्ण स्थिति पैदा होती है और वह किसी ‘प्रेशर कुकर’ की तरह फटकर पूरे परिवार को बिखरने पर मजबूर कर देती है।



