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स्मार्ट प्रशासन के लिए AI कितना अहम, अधिकारियों को क्या-क्या करना चाहिए? पटना में मंथन

बिहार की राजधानी पटना में आज योजना एवं विकास विभाग के मूल्यांकन निदेशालय की ओर से एक दिवसीय क्षमता निर्माण कार्यशाला आयोजित की गई. विकास आयुक्त मिहिर कुमार सिंह द्वारा आयोजित कार्यक्रम में “सरकार में मूल्यांकन: रूपरेखा, विधियां और रिपोर्टिंग” (Evaluation in Government: Frameworks, Methods, and Reporting) विषय पर मंथन किया गया. इस मौके पर अपर मुख्य सचिव, योजना एवं विकास विभाग डॉ. एन. विजयलक्ष्मी, प्रधान सचिव मयंक बरबड़े और सचिव कंवल तनुज भी उपस्थित रहे. यहां AI के उपयोग पर भी चर्चा हुई.

उद्घाटन संबोधन में विकास आयुक्त ने कहा कि अक्सर योजनाओं के अपेक्षित परिणाम और वास्तविक परिणाम के बीच एक अंतर रह जाता है. इस अंतर को कम करने के लिए दो प्रमुख तत्वों की जरूरत है- पहला, सतत क्षमता निर्माण और दूसरा, नवाचार एवं सुधार के लिए आवश्यक जोखिम लेने का साहस. उन्होंने कहा कि यदि अधिकारी डेटा-आधारित निर्णय, निष्पक्ष मूल्यांकन और नवीन प्रयोगों को अपनाएं, तो योजनाओं के परिणामों में उल्लेखनीय सुधार संभव है.

Evaluation In Government (1)

सकल घरेलू उत्पाद का आकलन

अपर मुख्य सचिव डॉ. एन. विजयलक्ष्मी ने कहा कि योजना विभाग अन्य विभागों से इस दृष्टि से भिन्न है कि यह राज्य की सभी विकास योजनाओं का समेकित दृष्टिकोण अपनाता है. विभाग विभिन्न विभागों की योजनाओं का समन्वय करता है. राज्य के सकल घरेलू उत्पाद का आकलन एवं प्रकाशन भी करता है.

AI को समझना भी जरूरी

इस कार्यक्रम में पूर्व विकास आयुक्त एस. सिद्धार्थ ने Use of AI in Data Analysis, Interpretation & Reporting विषय पर सत्र में विस्तृत संबोधन करते हुए कहा कि वर्तमान समय में अधिकारियों को केवल तकनीकी रूप से दक्ष ही नहीं, बल्कि AI Smart भी होना आवश्यक है. AI को समझना, उसे जिम्मेदारीपूर्वक उपयोग में लाना तथा बड़े आंकड़ों के विश्लेषण, प्रवृत्तियों की पहचान, पूर्वानुमान आधारित योजना निर्माण तथा सटीक प्रतिवेदन तैयार करने में AI महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है.


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