पाचन का अच्छा रहना शरीर के लिए काफी जरूरी है. अगर पाचन अच्छी नहीं है तो शरीर में कई बीमारियां होने का रिस्क होता है. पाचन को अच्छा करने के बारे में आयुर्वेद में भी कई तरीकों को बताया गया है. इस बारे में डॉक्टर से जानते हैं.

स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. चंचल शर्मा बताती हैं कि व्यक्ति के शरीर में पाचन शक्ति और अग्नि का सीधा संबंध है. यह आपके शरीर की वह जैविक शक्ति है जिससे भोजन को आसानी से पचाया जा सकता है. इसका संबंध आपके मेटाबॉलिज़्म से भी है. आयुर्वेद में कुल 13 अग्नि के बारे में बताया गया है लेकिन इसमें से मुख्य जठराग्नि है जो पेट की भूख और आंतों में भोजन को पचाने का कार्य करती है.
पाचन से अग्नि का सबंध क्या है?
डॉ. चंचल बताती हैं कि जब कोई व्यक्ति भोजन करता है तो उसके बाद ही जठराग्नि का काम शुरू हो जाता है.दरअसल यही जठराग्नि भोजन से रक्त, मांस और रस के निर्माण में मदद करती है. पाचन अच्छा रखने के लिए सबसे जरूरी है कि आपके शरीर में जठराग्नि ठीक रहे. अगर ये ठीक रहती है तो इससे आपकोभोजन को पचाने में मदद मिलती है. आपकी इम्यूनिटी भी अच्छी रहती है.
जठराग्नि ठीक नहीं होती है तो शरीर में क्या होता है
गैसट
अपच
एसिडिटी
कब्ज
थकान
टॉक्सिन्स का बनना
अग्नि को कैसे मजबूत बनाए रखें?
समय से भोजन करें: भोजन करने का समय सुनिश्चित करें और उसी समय पर भोजन करें. रात में सोने से करीब दो से तीन घंटे पहले भोजन कर लें.ट
बासी भोजन न करें: आयुर्वेद में ऐसा बताया गया है कि अग्नि को मजबुत बनाए रखने के लिए हमेशा गरम और ताजा भोजन ही करना चाहिए
जरूरत से ज्यादा भोजन न करें: भोजन करते वक़्त इस बात का ध्यान रखें कि आपको भूख कितनी है. कई बार अपनी पसंद का भोजन देखकर लोग जरूरत से ज्यादा खा लेते हैं जिससे पाचन मंद हो जाता है.
पर्याप्त नींद लें: रात को समय से सो जाएं और सुबह सूर्योदय से पहले उठें, इससे अग्नि मजबूत होती है.



