
मेरठ। मेरठ में दलित महिला की हत्या कर उसकी बेटी को अगवा करने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। आरोपी कंपाउंडर की गिरफ्तारी और लड़की की सकुशल बरामदगी तक परिजनों ने महिला के शव का अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया है।
अधिकारी लगातार मान-मनौव्वल में जुटे हुए हैं। लड़की के पिता का कहना है कि शादी तय हो चुकी थी। दरिंदों ने सब बर्बाद कर दिया। भाई ने बहन की जान को खतरा बताया है।
इस मुद्दे पर सियासत भी तेज है। सरधना से सपा विधायक अतुल प्रधान आज कपसाड़ गांव में पीड़ित परिवार से मिलने जा रहे थे। पुलिस ने गांव में घुसने से रोक दिया।
अतुल प्रधान और उनके समर्थकों की पुलिस के साथ धक्का-मुक्की भी हुई। वह गांव के बाहर धरने पर बैठ गए। करीब ढाई घंटे बाद प्रशासन ने अतुल प्रधान को परिवार से मिलने की अनुमति दी। उन्होंने लगभग एक घंटे तक पीड़ित परिवार से बातचीत की।
उधर, सपा मुखिया अखिलेश यादव ने पीड़ित परिवार से फोन पर बात की। आजाद समाज पार्टी और भारतीय किसान यूनियन के कार्यकर्ता भी गांव पहुंचने लगे हैं। हालात बिगड़ते देख प्रशासन ने गांव में 10 थानों की पुलिस, RAF और PAC तैनात कर दी।
इस बीच प्रशासनिक अधिकारी एक बार फिर पहुंचे और मृतका के पति सत्येंद्र को पंचायत भवन लेकर आए। परिवार ने उनके सामने 4 मांगें रखी हैं, पहली- बेटी को ढूंढा जाए, दूसरी- 50 लाख की आर्थिक मदद, तीसरी- सरकारी नौकरी और चौथी- शस्त्र लाइसेंस। प्रशासन उन्हें अंतिम संस्कार के लिए मनाने की कोशिश कर रहा है।
मेरठ के सरधना थानाक्षेत्र के कपसाड़ गांव में हुई महिला की हत्या और नाबालिग बेटी के अपहरण की घटना ने पूरे जिले में सनसनी फैला दी है। घटना के बाद पुलिस और प्रशासन अलर्ट मोड पर है। पुलिस द्वारा जब आरोपियों के घरों पर दबिश दी गई, तो मुख्य आरोपी पारस सोम और उसके साथियों के घरों में ताले लटके मिले। आरोपी पुलिस से बचने के लिए घर छोड़कर फरार हो गए हैं।
युवती की तलाश में सर्विलांस टीम सक्रिय
पुलिस की सर्विलांस और अन्य टीमें लगातार आरोपी और अपहृत युवती को ट्रेस करने में जुटी हुई हैं। एसएसपी डॉ. विपिन ताडा ने बताया कि संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है और दोषियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।
युवती का बयान होगा जांच का अहम आधार
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इस पूरे मामले में युवती का बयान बेहद अहम होगा। उसके बयान के आधार पर ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि हत्या और अपहरण की घटना में किसकी कितनी भूमिका रही।
गिरफ्तारी तक अंतिम संस्कार से इनकार
घटना से आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने दो टूक कहा है कि जब तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होती और नाबालिग बेटी को सकुशल बरामद नहीं किया जाता, तब तक महिला का अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा। इस फैसले के बाद गांव में तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है।
गांव में भारी पुलिस बल तैनात
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए गांव में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर डटे हुए हैं और किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए सतर्कता बरती जा रही है।
युवक-युवती पहले से थे परिचित
पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि युवती रूबी और आरोपी पारस सोम पहले से परिचित थे। दोनों के बीच विवाद को लेकर पहले पंचायत भी हो चुकी थी। सीओ सरधना आशुतोष कुमार ने बताया कि युवती का रिश्ता तय हो चुका था और अप्रैल में उसकी शादी प्रस्तावित थी।



