अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा होर्मुज जलमार्ग ब्लॉक करने के ऐलान पर ईरान के सशस्त्र बलों के प्रवक्ता ने कहा कि अगर हमारे बंदरगाह खतरे में पड़ते हैं तो खाड़ी का कोई भी बंदरगाह सुरक्षित नहीं रहेगा। होर्मुज में जहाजों पर अमेरिकी पाबंदी को अवैध बताते हुए उन्होंने कहा कि यह “समुद्री डकैती के समान” है। उन्होंने कहा कि ईरान जलमार्ग को कंट्रोल करने के लिए एक “स्थायी तंत्र” लागू करेगा।

होर्मुज ब्लॉक करने की धमकी पर चीन ने भी दी प्रतिक्रिया: डोनाल्ड ट्रंप की धमकी पर चीन की तरफ से कहा गया कि वह सभी संबंधित पक्षों के साथ मिलकर ऊर्जा सुरक्षा और आपूर्ति की रक्षा के लिए तैयार है।

चीन के विदेश मंत्रालय ने कहा कि सभी पक्षों को शांत रहना चाहिए और संयम बरतना चाहिए। चीनी सरकार के प्रवक्ता गुओ जियाकुन ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि होर्मुज जलमार्ग को सुरक्षित, स्थिर और बाधा-मुक्त बनाए रखना अंतरराष्ट्रीय समुदाय के साझा हित में है।

जर्मन चांसलर बोले- युद्ध से हमारे देश को दिक्कत हो रही है

ईरान युद्ध को लेकर जर्मनी के चांसलर ने कहा कि इससे उनके देश में दिक्कतें हो रही हैं और वो इस युद्ध को खत्म करने के लिए पूरा प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि युद्ध खत्म होने के बाद भी लंबे समय तक दुनिया के देशों को इसके प्रभावों का सामना करना पड़ेगा।

होर्मुज बंद होने से तेल की सप्लाई पर क्या प्रभाव पडे़गा?

अगर अमेरिका होर्मुज जलमार्ग को ब्लॉक कर देता है तो ईरान द्वारा अन्य देशों में की जा रही तेल सप्लाई रुक जाएगी। केप्लर के डेटा के अनुसार, मार्च महीने में ईरान ने 1.84 मिलियन बैरेल प्रति दिन क्रूड ऑयल निर्यात किया था। अप्रैल में वह अब तक 1.71 मिलियन बैरेल प्रति दिन निर्यात कर रहा है। साल 2025 में औसतन 1.68 मिलियन बैरेल प्रति दिन था