
शादी में लड़के वालों ने दिया दहेज प्रथा के खिलाफ संदेश
नोएडा में एक शादी सादगी की मिसाल बन गई है जहां शादियों के सीजन में दहेज और फिजूलखर्ची की होड़ लगातार बढ़ती हुई देखी जा रही है. वहीं ग्रेटर नोएडा के श्योराजपुर गांव के रहने वाले रूपेश भाटी ने समाज के सामने एक सराहनीय मिसाल पेश की है. उन्होंने अपने बेटे की शादी में मात्र 101 रुपये का कन्यादान लेकर शादी की रस्मे सम्पूर्ण कराई हैं. उन्होंने ये शादी पूरी सादगी से संपन्न की और दहेज संस्कृति पर बड़ा संदेश दिया.
जानकारी के मुताबिक श्योरजपुर गांव के रहने वाले रूपेश भाटी का कंस्ट्रक्शन का काम है. उनके बेटे भी साथ में काम करते हैं. कल उनके बेटे की बारात नोएडा के सेक्टर-31 स्थित निठारी गांव में हरि अम्बावता के घर गई. जहां विवाह रस्में मात्र 101 कन्यादान लेकर संपन्न की गईं. यही नहीं, पारंपरिक भात की रस्म में भी केवल 101 रुपये ही स्वीकार किए गए.
दहेज की कोई जरूरत नहीं
रूपेश भाटी ने कहा कि जिस तरह से समाज मे शादी में फिजूलखर्ची होती है उसकी कोई जरूरत नहीं है. समाज को दहेज रूपी बुराई से बाहर लाने के लिए किसी को तो पहल करनी ही होगी. पैसे के दिखावे में उड़ाने के बजाय इसे बच्चों की शिक्षा और अच्छे कार्यों में लगाना चाहिए. जरूरतमंदों की मदद करनी चाहिए और गरीब बेटियों की शादी करवानी चाहिए. इससे लोगों को सहूलियत मिल सके. उनकी इस सोच की पूरे क्षेत्र में प्रशंसा हो रही है. गांव वाले और रिश्तेदार भी इस कदम से प्रेरित होते हुए दिखाई दे रहे है.
बेटा भी दहेज प्रथा के खिलाफ
रूपेश भाटी ने बताया कि उनका बेटा प्रशांत भाटी भी इस दहेज प्रथा के खिलाफ है. शुरू से ही उसका भी यही मन था कि जिस जगह उसकी शादी होगी तो वो बिना दहेज के उस घर की बेटी को अपनी बहू के रूप में स्वीकार करेगा. इस फिजूलखर्ची के खिलाफ व युवाओं में और लोगों को भी जागरूक करेगा ताकि समाज को एक सही दिशा मिले.




