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क्या आपको भी नेगेटिव फीलिंग, स्ट्रेस या फिर एंग्जायटी महसूस होती रहती है? अगर हां, तो आज हम आपको 5-4-3-2-1 तकनीक के बारे में बताएंगे। इस तकनीक को ग्राउंडिंग तकनीक के नाम से भी जाना जाता है। हर रोज इसका अभ्यास करने से या फिर नेगेटिव फीलिंग्स को दूर करने के लिए या फिर स्ट्रेस और एंग्जायटी महसूस होने पर आप भी इस तकनीक की मदद ले सकते हैं। आइए इसकी प्रैक्टिस करने के तरीके के बारे में भी जानकारी हासिल कर लेते हैं।
ऐसे करें ग्राउंडिंग तकनीक की शुरुआत- इस तकनीक का अभ्यास करना बहुत आसान है। आप इस तकनीक की प्रैक्टिस कभी भी और कहीं भी कर सकते हैं। सबसे पहले आपको धीरे-धीरे गहरी सांस लेनी है और फिर धीरे-धीरे करके ही सांस को छोड़ना है। अब आपको 5 ऐसी चीजों को नोटिस करना है, जो आपको दिखाई दे रही हों। पांचों दिखाई दे रही चीजों को नोटिस करने के बाद आपको 4 चीजों को महसूस करना है जिन्हें छुआ जा सकता है।
5-4-3-2-1 तकनीक का अभ्यास कैसे करें- 5-4-3-2-1 तकनीक में 3 का मतलब है तीन ऐसी ध्वनियों पर ध्यान देना जिन्हें सुना जा सकता हो। इसके बाद 2 ऐसी चीजों पर अपना ध्यान केंद्रित कीजिए जिन्हें स्मेल यानी सूंघा जा सकता हो। अब आखिर में आपको किसी भी 1 ऐसी चीज को चखना है जिसे खाया या फिर पिया जा सकता हो। इस तकनीक का अभ्यास करते समय आपकी पांचों इन्द्रियां इन्वॉल्व हो जाती हैं।
मेंटल हेल्थ के लिए बेहद फायदेमंद तकनीक- ग्राउंडिंग तकनीक मेंटल हेल्थ पर ढेर सारे पॉजिटिव असर डाल सकती है। इस तकनीक की मदद से दिमाग में घूम रहे सारे नेगेटिव थॉट्स से छुटकारा मिल सकता है। प्रेजेंट मोमेंट में जीने के लिए भी इस तकनीक का अभ्यास किया जा सकता है। स्ट्रेस होने पर या फिर एंग्जायटी महसूस होने पर भी इस तकनीक की प्रैक्टिस की जा सकती है। हर रोज नियम से इस तकनीक का अभ्यास करें और महज कुछ ही हफ्तों में खुद-ब-खुद पॉजिटिव असर महसूस करें।
डिस्क्लेमर: इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। Satya Report किसी भी प्रकार के दावे की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।




