
बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदुओं पर हमले जारी हैं. हाल ही में हमलावरों के हमले में गंभीर रूप से घायल हुए 50 वर्षीय हिंदू व्यापारी खोकन चंद्र दास की अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई. इस घटना से बांग्लादेश के हिंदू समुदाय में गहरा भय फैल गया है. बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों पर हुए हमले में अब तक कुल चार हिंदुओं की जान गई है. इससे पहले हिंदू धर्म के दीपू दास, अमृत मंडल और बिजेंद्र बिस्वास की हत्या कर दी गयी थी.
खोकन चंद्र दास बांग्लादेश स्थित क्युरबांगा बाजार में दवा और मोबाइल बैंकिंग का कारोबार करते थे. उन पर यह हमला कुछ दिन पहले उस समय हुआ जब, वे रात में अपनी दुकान बंद करके ऑटो से घर लौट रहे थे.
रास्ते में ऑटो को रोककर हमलावरों ने चंद्र दास पर धारदार हथियारों से अंधाधुंध हमला किया. उन्होंने न केवल उन पर हमला किया, बल्कि उनके सिर पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी. अपनी जान बचाने के लिए वह जलते हुए शरीर के साथ पास के तालाब में कूद गए. स्थानीय लोग उसे तुरंत अस्पताल ले गए, जहां उसके शरीर के अधिकांश हिस्से पर जलने के कारण हुए घावों का इलाज करते समय उसकी मृत्यु हो गई.
हमले में घायल हिंदू युवक की मौत
पश्चिम बंगाल बीजेपी ने सोशल साइट एक्स पर पोस्ट कर कहा कि दीपू चंद्र दास के बाद, अब खोकन दास पर एक इस्लामी भीड़ ने हमला किया और उन्हें आग लगा दी. आज सुबह चोटों के कारण उनकी मौत हो गई.
पोस्ट में लिखा कि यह हमें पश्चिम बंगाल की गंभीर स्थिति की याद दिलाता है, जहां पिछले साल मुर्शिदाबाद में एक इस्लामी भीड़ ने हरगोबिंद दास और चंदन दास को बेरहमी से मार डाला था. बांग्लादेश और पश्चिम बंगाल में बंगाली हिंदुओं पर भयानक हमले लगातार जारी हैं!
अल्पसंख्यकों की सुरक्षा पर उठे सवाल
खोकन की पत्नी सीमा दास ने कहा कि उनकी किसी से कोई दुश्मनी नहीं थी और उन्होंने अपने पति की हत्या के कारणों को न जानने पर गहरा दुख व्यक्त किया.
बांग्लादेश में चुनाव नजदीक आने के साथ ही हिंदुओं को निशाना बनाए जाने की घटनाओं से सनसनी फैल गई है. अब खोकन चंद्र दास की मृत्यु के साथ, मृतकों की सूची और भी लंबी हो गई है. बांग्लादेश में राजनीतिक तनाव के बीच अल्पसंख्यकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं.



