India

भारत के परमाणु हथियारों की संख्या में बढ़ोतरी, जानें अब कितनी हो गई

भारत ने अपनी परमाणु क्षमता में एक और मामूली बढ़ोतरी की है. स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट की साल 2026 की रिपोर्ट के अनुसार, 2026 की शुरुआत तक भारत के पास अनुमानित 190 परमाणु हथियार हैं. यह संख्या पाकिस्तान के अनुमानित जखीरे से अधिक बताई गई है.

भारत के परमाणु हथियारों की संख्या में बढ़ोतरी, जानें अब कितनी हो गई
भारत के परमाणु हथियारों की संख्या में बढ़ोतरी, जानें अब कितनी हो गई

रिपोर्ट के मुताबिक, भारत लगातार अपने परमाणु हथियारों और उन्हें ले जाने वाली प्रणालियों का आधुनिकीकरण कर रहा है. खास तौर पर लंबी दूरी तक मार करने वाली क्षमताओं पर जोर दिया जा रहा है, ताकि चीन जैसे दूरस्थ लक्ष्यों तक भी पहुंच बनाई जा सके. साथ ही पाकिस्तान को लेकर रणनीतिक संतुलन बनाए रखने पर भी ध्यान दिया जा रहा है.

ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र

SIPRI ने मई 2025 में हुए ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत और पाकिस्तान के बीच पैदा हुई स्थिति को हाल के सालों का सबसे गंभीर सैन्य संकट बताया है. रिपोर्ट के अनुसार, भारत ने पाकिस्तान के उन एयरबेस और मिसाइल ठिकानों को निशाना बनाया था, जिनका संबंध परमाणु क्षमताओं से माना जाता है. हालांकि, रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि दोनों देशों ने हालात को पूर्ण परमाणु संघर्ष में बदलने से रोकने के लिए सावधानी बरती.

पहली बार साइबर युद्ध भी बना संघर्ष का हिस्सा

रिपोर्ट की एक अहम बात यह है कि भारत और पाकिस्तान के बीच इस सैन्य टकराव के दौरान पहली बार साइबर ऑपरेशन भी सक्रिय युद्ध का हिस्सा बने. इससे संकेत मिलता है कि भविष्य के संघर्षों में साइबर क्षमताएं पारंपरिक और रणनीतिक सैन्य ताकत के साथ महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी.

भारत दुनिया का पांचवां सबसे बड़ा रक्षा खर्च करने वाला देश

SIPRI के अनुसार, 2025 में भारत का रक्षा बजट बढ़कर 92.1 अरब डॉलर पहुंच गया, जो पिछले साल की तुलना में 8.9 प्रतिशत अधिक है. इसके साथ ही भारत दुनिया का पांचवां सबसे बड़ा रक्षा खर्च करने वाला देश बना हुआ है.

इसके अलावा, 202125 की अवधि में भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा हथियार आयातक भी रहा. वैश्विक हथियार आयात में भारत की हिस्सेदारी 8.2 प्रतिशत रही.

दुनिया में 12 हजार से ज्यादा परमाणु हथियार

रिपोर्ट के मुताबिक, 2026 की शुरुआत में दुनिया के नौ परमाणु संपन्न देशों अमेरिका, रूस, ब्रिटेन, फ्रांस, चीन, भारत, पाकिस्तान, उत्तर कोरिया और इजरायल के पास कुल मिलाकर लगभग 12,187 परमाणु हथियार मौजूद थे. इनमें से करीब 9,745 सैन्य भंडार में हैं और लगभग 4,012 हथियार ऑपरेशनल स्थिति में तैनात हैं. इनमें से करीब 2,100 से 2,200 वॉरहेड उच्च स्तर की अलर्ट स्थिति में बैलिस्टिक मिसाइलों पर रखे गए हैं.

समुद्र आधारित परमाणु क्षमता पर भारत का फोकस

SIPRI का कहना है कि भारत समुद्र आधारित परमाणु प्रतिरोधक क्षमता को भी लगातार मजबूत कर रहा है. पनडुब्बी से दागी जाने वाली बैलिस्टिक मिसाइलें किसी भी परमाणु हमले के बाद जवाबी कार्रवाई की क्षमता सुनिश्चित करती हैं, जिसे रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है.

एशिया में बढ़ रही रणनीतिक प्रतिस्पर्धा

रिपोर्ट के अनुसार, एशियाप्रशांत क्षेत्र में चीन और अमेरिका के बीच बढ़ती रणनीतिक प्रतिस्पर्धा के बीच भारत भी अपनी सैन्य और परमाणु क्षमताओं का विस्तार कर रहा है. SIPRI का मानना है कि बदलते वैश्विक सुरक्षा माहौल में बड़े देशों के बीच प्रतिस्पर्धा और आधुनिक हथियारों की दौड़ आने वाले समय में और तेज हो सकती है.

contact.satyareport@gmail.com

Leave a Reply