नए साल में इंटरनेशनल क्रिकेट का पहला ही दिन भारतीय टीम के स्टार बल्लेबाज श्रेयस अय्यर के लिए अच्छ रहा. चोट के चलते करीब ढाई महीने से ज्यादा वक्त तक बाहर रहे अय्यर ने भारत-न्यूजीलैंड वनडे मैच के साथ टीम में वापसी की. वडोदरा में सीरीज के पहले वनडे मैच के साथ अय्यर की प्लेइंग-11 में वापसी हुई. हर किसी को इंतजार बल्लेबाजी में उनका कमाल दिखाने का था. मगर उससे पहले ही अय्यर ने अपनी फील्डिंग से महफिल लूट ली, जिसमें एक सटीक निशाना लगाकर किया रन आउट भी शामिल था.
वडोदरा के कोटाम्बी स्टेडियम में खेले गए इस मैच में टीम इंडिया ने टॉस जीता और जब प्लेइंग-11 का ऐलान हुआ तो सबने राहत की सांस ली क्योंकि श्रेयस अय्यर को इसमें जगह मिली थी. यानि साफ था कि वो खेलने के लिए अब पूरी तरह फिट हैं. मगर उनकी फिटनेस की असली परीक्षा तो मैच के दौरान होनी थी और अय्यर ने इस मामले में निराश नहीं किया. भले ही उन्हें पहले बैटिंग का मौका नहीं मिला लेकिन टीम इंडिया के उप-कप्तान ने अपनी फील्डिंग का जलवा दिखाया.
अय्यर ने दिखाया फील्डिंग में जलवा
सबसे पहले तो अय्यर ने एक आसान सा कैच लेकर टीम इंडिया को सफलता दिलाई. उन्होंने 34वें ओवर में कुलदीप यादव की गेंद पर ग्लेन फिलिप्स का कैच लपका और विकेट दिलाने में मदद की. मगर असली कमाल तो उन्होंने 43वें ओवर में दिखाया. इस ओवर की दूसरी गेंद पर डैरिल मिचेल ने मिड ऑन पर शॉट खेला. वहां कोई फील्डर नहीं था, इसलिए कीवी बल्लेबाजों ने 2 रन की कोशिश की.
ऑस्ट्रेलिया में लगी थी चोट
वैसे ये भी एक संयोग की ही बात है कि अय्यर जब पिछली बार टीम इंडिया के लिए मैदान पर उतरे थे, तब भी उन्होंने बेहतरीन फील्डिंग का नजारा पेश किया था लेकिन वो उनके लिए नुकसानदायक साबित हुआ था. ऑस्ट्रेलिया दौरे पर सिडनी में आखिरी वनडे मैच के दौरान अय्यर ने बेहतरीन डाइव के साथ एक जबरदस्त कैच लपका था लेकिन इस चक्कर में उनकी पसली में चोट लग गई थी, जिसके चलते वो करीब ढाई महीने तक पूरी तरह एक्शन से दूर रहे.




