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दावोस में भारत का ग्रीन एनर्जी दांव, 300 अरब डॉलर के निवेश का वैश्विक ऑफर

दावोस में भारत का ग्रीन एनर्जी दांव, 300 अरब डॉलर के निवेश का वैश्विक ऑफर

केंद्रीय नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री प्रल्हाद जोशीImage Credit source: (Photo: JoshiPralhad/X)

भारत ने ग्रीन एनर्जी सेक्टर में वैश्विक निवेशकों के सामने 300 अरब डॉलर तक के निवेश का बड़ा अवसर पेश किया है. केंद्रीय नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री प्रल्हाद जोशी ने यह बात स्विट्जरलैंड के दावोस में आयोजित वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF) 2026 में कही. उन्होंने कहा कि भारत में 2030 तक ग्रीन एनर्जी के लिए एक स्थिर, भरोसेमंद और निवेश के अनुकूल माहौल मौजूद है.

प्रल्हाद जोशी ने कहा कि भारत का ऊर्जा परिवर्तन वैश्विक निवेशकों को तेजी, बड़े पैमाने पर विस्तार, स्थिरता और लंबे समय का रिटर्न देता है. ऐसे समय में जब दुनिया भर के निवेशक सुरक्षित और अनुमानित ग्रोथ के मौके तलाश रहे हैं, भारत एक मजबूत विकल्प बनकर उभरा है. मंत्रालय के बयान के मुताबिक, जोशी ने दावोस में कई सत्रों और वैश्विक कंपनियों के शीर्ष अधिकारियों के साथ बैठकों में भारत को दुनिया के सबसे बड़े और निवेश के लिए तैयार क्लीन एनर्जी बाजारों में से एक बताया.

क्या है भारत का रिन्यूएबल एनर्जी टारगेट?

मंत्री ने बताया कि दिसंबर 2025 तक भारत ने 267 गीगावॉट की नॉन-फॉसिल फ्यूल ऊर्जा क्षमता तैयार कर ली है और देश 2030 के अपने स्वच्छ ऊर्जा लक्ष्यों को हासिल करने की दिशा में सही रास्ते पर है. भारत ने इस दशक के अंत तक 500 गीगावॉट रिन्यूएबल एनर्जी क्षमता हासिल करने का लक्ष्य रखा है.

ऊर्जा सेक्टर पर हुई ये चर्चा

दावोस में केंद्रीय मंत्री जोशी ने वैश्विक कंपनियों से ग्रीन हाइड्रोजन से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर, रिन्यूएबल एनर्जी के साथ बैटरी स्टोरेज और पावर ग्रिड के आधुनिकीकरण जैसे क्षेत्रों में निवेश करने का ऑफर दिया. हालांकि, उन्होंने यह भी माना कि भारत के ऊर्जा परिवर्तन में कुछ चुनौतियां हैं. करीब 43 गीगावॉट रिन्यूएबल क्षमता अभी तक कॉन्ट्रैक्ट से बाहर है और राजस्थान व गुजरात जैसे सोलर-समृद्ध राज्यों में कई बार क्लीन एनर्जी की कटौती भी होती है. WEF में प्रल्हाद जोशी ने वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के अध्यक्ष और सीईओ बोर्गे ब्रेंडे और केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव से भी मुलाकात की. इन बैठकों में वैश्विक सहयोग, सतत विकास और ऊर्जा सेक्टर में साझा प्रयासों पर चर्चा हुई.

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