उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम के निर्माण की दिशा में बड़ी सफलता मिली है. गाजियाबाद विकास प्राधिकरण ने राजनगर एक्सटेंशन के मोर्टी क्षेत्र में प्रस्तावित अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम के नक्शे को हरी झंडी दे दी है. इसके साथ ही लंबे समय से अटका यह महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट अब धरातल पर उतरने के बेहद करीब पहुंच गया है. इस स्टेडियम में करीब 55 हजार दर्शकों के बैठने की क्षमता होगी, जिसे भविष्य में और बढ़ाया भी जा सकता है.
प्रशासनिक सूत्रों का कहना है कि स्टेडियम निर्माण पर लगभग 450 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है. UPCA ने जमीन करीब 70 करोड़ रुपये में खरीदी है. स्टेडियम परिसर में आधुनिक सुविधाओं के साथ करीब 2510 वाहनों की पार्किंग व्यवस्था भी की जाएगी, ताकि भविष्य में बड़े मैचों के दौरान ट्रैफिक की समस्या न हो. इसके लिए अलग से ट्रैफिक मैनेजमेंट प्लान तैयार किया जाएगा.
वहीं अगर प्राधिकरण के अधिकारियों की मानें तो इस परियोजना को गति देने के लिए बड़ी राहत देने की तैयारी में है. बताया जा रहा है कि नई व्यवस्था के तहत लैंड कन्वर्जन चार्ज और मैप अप्रूवल चार्ज में भारी छूट या पूरी तरह से माफी कर दी जा सकती है. इससे प्रोजेक्ट की लागत कम होगी और निर्माण कार्य तेजी से आगे बढ़ सकेगा. गाजियाबाद प्राधिकरण के उपाध्यक्ष नंद किशोर कलाल ने बताया कि मोर्टी क्षेत्र में बनने वाला यह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम गाजियाबाद को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाएगा.
2014 लंबिद था क्रिकेट स्टेडियम का प्रस्ताव
वहीं, UPCA अधिकारियों का कहना है कि तकनीकी और प्रशासनिक अड़चनें अब दूर हो चुकी हैं. अगले करीब 10 दिनों में होने वाली बैठक के बाद नक्शा पास करने की प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी. गौरतलब है कि गाजियाबाद में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम का प्रस्ताव साल 2014 से लंबित था. FAR और भूमि उपयोग को लेकर विवाद के कारण यह परियोजना अटकी रही. नए बिल्डिंग बायलॉज लागू होने के बाद अब यह विवाद समाप्त हो गया है. ऐसे में गाजियाबाद को जल्द ही एक आधुनिक और भव्य अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम मिलने की उम्मीद मजबूत हो गई है.



