
Janhvi Kapoor Depression: जाह्नवी कपूर ने जब धड़क से बॉलीवुड में कदम रखा, तो उन्हें एक नए स्टार के रूप में देखा गया। फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर शानदार कमाई की, लेकिन एक्ट्रेस के लिए यह समय बेहद कठिन रहा। हाल ही में एक पॉडकास्ट में उन्होंने अपने उस दर्द को साझा किया, जिसे उन्होंने लंबे समय तक छुपाकर रखा।
जाह्नवी कपूर के लिए यह दौर इसलिए भी मुश्किल था क्योंकि फिल्म रिलीज से पहले उन्होंने अपनी मां श्रीदेवी को खो दिया था। एक तरफ करियर की शुरुआत का दबाव था, तो दूसरी तरफ निजी जीवन का गहरा दुख। उन्होंने बताया कि उस समय वह मानसिक रूप से बहुत कमजोर हो गई थीं और डिप्रेशन जैसी स्थिति से गुजर रही थीं। उनके लिए ‘धड़क’ की यादें आज भी कड़वी हैं।
ट्रोलिंग ने बढ़ाई चिंता
जाह्नवी कपूर ने खुलासा किया कि उन्हें लगने लगा था कि दर्शक उन्हें पसंद नहीं करते। सोशल मीडिया पर मिलने वाली आलोचनाओं ने उनके आत्मविश्वास को बुरी तरह प्रभावित किया। उन्होंने कहा कि मुझे लगा कि लोग मुझसे नफरत करते हैं और मेरा करियर शुरू होने से पहले ही खत्म हो जाएगा। यह डर इतना बढ़ गया था कि उनकी रातों की नींद तक उड़ गई थी।
सफलता का एहसास नहीं हुआ
दिलचस्प बात यह है कि धड़क उस साल की सफल फिल्मों में से एक थी और इसने 100 करोड़ से ज्यादा का कलेक्शन किया था। लेकिन मानसिक तनाव के कारण जाह्नवी कपूर को अपनी सफलता का एहसास ही नहीं हो पाया। उनका कहना है कि उस समय उन्होंने केवल नकारात्मक बातों पर ध्यान दिया, जिससे उनकी सोच और भी प्रभावित हुई।
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संघर्ष से उभरी मजबूत कलाकार
इस कठिन दौर से बाहर निकलकर जाह्नवी कपूर ने खुद को एक बेहतर कलाकार के रूप में साबित किया। उन्होंने गुंजन सक्सेना: द कारगिल गर्ल, रूही और गुड लक जेरी जैसी फिल्मों में अपने अभिनय से लोगों का दिल जीता। वर्कफ्रंट की बात करें तो जाह्नवी कपूर जल्द ही राम चरण के साथ फिल्म पेड्डी में नजर आएंगी। जाह्नवी की यह कहानी दिखाती है कि चमक-दमक के पीछे कलाकारों को कितनी चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने अपने डर और असुरक्षा को पार कर खुद को साबित किया, जो कई लोगों के लिए प्रेरणा है।



