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इस समय पूरे मिडिल ईस्ट में हालात बेहद तनावपूर्ण हैं। इजराइल और अमेरिका के हमलों के बाद ईरान में कई ठिकानों पर धमाके हुए हैं। अब, सवाल सिर्फ जियोपॉलिटिक्स का नहीं है। सवाल यह है कि जब दुनिया अनस्टेबल हो तो इंसान का शरीर कितना स्थिर रह पाता है क्योंकि ऐसे माहौल में डर और अनिश्चितता सिर्फ खबरों तक नहीं रहती ये दिमाग पर भी असर डालती है। रिसर्च बताती है कि कॉन्फ्लिक्ट या लगातार तनाव वाले माहौल में लगभग 75% लोगों में एंग्जायटी या ट्रॉमा जैसे लक्षण दिखाई देते हैं। ब्रेन का हिप्पोकैंपस यानी हमारी याददाश्त और इमोशन कंट्रोल करने वाले हिस्से स्ट्रेस से ओवरएक्टिव हो जाते हैं। नतीजा, नींद की परेशानी, चिड़चिड़ापन और लगातार बेचैनी बनी रहती है।
क्रॉनिक स्ट्रेस से शरीर में कोर्टिसोल बढ़ता है जिससे ब्लड प्रेशर, हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है। WHO के मुताबिक कॉन्फ्लिक्ट से अफेक्टेड लोगों में मेंटल डिसऑर्डर के साथ इम्यून सिस्टम कमजोर होता है, डायजेशन बिगड़ता है और लंबे समय में डायबिटीज-हार्ट डिजीज तक का जोखिम बढ़ सकता है। यानी युद्ध भले दूर हो उसका असर शरीर के अंदर तक पहुंच सकता है। तो सवाल ये है जब दुनिया में शोर हो, तो हम अपने भीतर सुकून कैसे बचाएं? डर के इस माहौल में दिल-दिमाग और शरीर को सुरक्षित कैसे रखा जाए? तमाम ताजा अपडेट्स के साथ, आज हम इन्हीं जरूरी सवालों के जवाब योगाभ्यास के साथ-साथ विश्व प्रसिद्ध योगगुरु स्वामी रामदेव से जानेंगे।
स्ट्रेस एंजायटी और तनाव दूर करने के लिए करें ये योग आसन:
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ताड़ासन: ताड़ासन योग एक प्रभावी आसन है। देखने में आसान लगने वाला यह आसन पूरे शरीर पर गहरा प्रभाव डालता है। नियमित अभ्यास से न केवल शारीरिक स्वास्थ्य बेहतर होता है, बल्कि मानसिक संतुलन भी मजबूत होता है। ताड़ासन करने से शरीर में ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है। यह आसन दर्द और थकान को दूर करने में मददगार है। लंबे समय तक बैठने या खड़े रहने से शरीर में जो जकड़न आ जाती है, ताड़ासन उसे कम करता है। विशेष रूप से कमर, कंधों और पैरों को आराम मिलता है। नियमित अभ्यास से शरीर में हल्कापन और ऊर्जा महसूस होती है। मानसिक रूप से भी ताड़ासन लाभकारी है। यह एकाग्रता बढ़ाता है और मन को शांत रखने में सहायक होता है। नियमित अभ्यास से तनाव कम होता है और आत्मविश्वास बढ़ता है।
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वृक्षासन: वृक्षासन शरीर और मन दोनों को मजबूत बनाता है। इस आसन में शरीर को एक पैर पर स्थिर रखते हुए हाथों को ऊपर जोड़कर खड़ा किया जाता है, जिससे संतुलन, एकाग्रता और ताकत का विकास होता है। नियमित अभ्यास से इसके कई महत्वपूर्ण लाभ मिलते हैं। वृक्षासन ध्यान और फोकस बढ़ाने में विशेष रूप से लाभकारी है। एक पैर पर संतुलन बनाते समय मन को केंद्रित रखना पड़ता है, जिससे एकाग्रता में सुधार होता है। बच्चों के लिए यह आसन विशेष रूप से उपयोगी है, क्योंकि इससे उनकी ध्यान क्षमता और मानसिक स्थिरता बढ़ती है।
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पादहस्तासन: पादहस्तासन में खड़े होकर आगे की ओर झुकते हुए हाथों को पैरों के पास या तलवों के नीचे रखा जाता है। यह आसन शरीर और मन दोनों पर गहरा प्रभाव डालता है। पादहस्तासन का नियमित अभ्यास मानसिक तनाव और डिप्रेशन को कम करने में सहायक है। आगे झुकने की स्थिति मन को शांत करती है और तंत्रिका तंत्र पर सकारात्मक प्रभाव डालती है। इससे मानसिक बेचैनी कम होती है और मन में शांति का अनुभव होता है। इसके अलावा, इस आसन से सिर में रक्त संचार बढ़ता है। जब हम आगे झुकते हैं, तो मस्तिष्क की ओर रक्त प्रवाह बेहतर होता है, जिससे दिमाग को अधिक ऑक्सीजन मिलती है। यह एकाग्रता बढ़ाने, स्मरण शक्ति सुधारने और मानसिक थकान कम करने में मदद कर सकता है।
डिस्क्लेमर: इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। Satya Report किसी भी प्रकार के दावे की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।



