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एक्सपर्ट से जानें घरेलू नुस्खे या कॉस्मेटोलॉजी ट्रीटमेंट स्किन केयर में क्या है ज्यादा असरदार?

स्किन केयर
Image Source : FREEPIK

आज के समय में त्वचा की देखभाल को लेकर लोगों के पास कई विकल्प हैं। एक तरफ घरेलू नुस्खे और बेसिक स्किन केयर रूटीन हैं, तो दूसरी तरफ क्लिनिक में होने वाले कॉस्मेटोलॉजी ट्रीटमेंट। नई दिल्ली के द्वारका  स्थित डर्माहील स्किन एंड क्लिनिक में कंसल्टेंट डर्मेटोलॉजिस्ट, डॉ. नवजोत अरोड़ा, कहते हैं कि अक्सर लोगों के मन में यह सवाल रहता है कि इनमें से कौन-सा तरीका ज्यादा असरदार और सुरक्षित है। उनके अनुसार, एक त्वचा रोग विशेषज्ञ के रूप में यह समझना जरूरी है कि दोनों की अपनी भूमिका और सीमाएं हैं।

घरेलू नुस्खे केयर त्वचा को स्वस्थ रखने में हैं सहायक

घरेलू स्किन केयर में आमतौर पर फेस वॉश, मॉइश्चराइज़र, सनस्क्रीन और कभी-कभी घरेलू नुस्खों जैसे दही, हल्दी, एलोवेरा या गुलाब जल का इस्तेमाल शामिल होता है। ये तरीके त्वचा की बेसिक देखभाल, नमी बनाए रखने और हल्की समस्याओं जैसे रूखापन या डलनेस में मदद कर सकते हैं। सही तरीके से और नियमित रूप से अपनाए जाएं तो घरेलू स्किन केयर त्वचा को स्वस्थ रखने में सहायक होती है।

लेकिन गंभीर समस्याओं में नहीं है प्रभावकारी:

हालांकि, घरेलू उपायों की सबसे बड़ी सीमा यह है कि ये गहरी या गंभीर त्वचा समस्याओं पर ज्यादा प्रभावी नहीं होते। मुंहासों के दाग, पिग्मेंटेशन, झुर्रियां, मेलाज़्मा या एजिंग जैसी समस्याओं में केवल घरेलू नुस्खों से अपेक्षित परिणाम नहीं मिलते। कई बार बिना जानकारी के घरेलू नुस्खों का ज्यादा इस्तेमाल त्वचा में एलर्जी, जलन या संक्रमण भी पैदा कर सकता है।

कॉस्मेटोलॉजी ट्रीटमेंट से मिलते हैं बेहतरीन रिजल्ट:

कॉस्मेटोलॉजी ट्रीटमेंट त्वचा विशेषज्ञ की देखरेख में किए जाते हैं और ये वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित तकनीकों पर आधारित होते हैं। केमिकल पील्स, लेज़र ट्रीटमेंट, माइक्रोडर्माब्रेशन, बोटॉक्स या फिलर्स जैसे विकल्प त्वचा की गहरी परतों पर काम करते हैं। इसलिए पिग्मेंटेशन, एक्ने स्कार्स, फाइन लाइन्स और उम्र के असर को कम करने में ये ट्रीटमेंट ज्यादा प्रभावी साबित होते हैं।

कॉस्मेटोलॉजी ट्रीटमेंट का एक बड़ा फायदा यह है कि इन्हें व्यक्ति की त्वचा के प्रकार और समस्या के अनुसार कस्टमाइज़ किया जाता है। सही जांच और परामर्श के बाद किए गए ट्रीटमेंट अपेक्षाकृत सुरक्षित होते हैं और इनके परिणाम भी स्पष्ट और लंबे समय तक रहने वाले हो सकते हैं। हालांकि, ये ट्रीटमेंट खर्चीले हो सकते हैं और इनके बाद सही पोस्ट-केयर का पालन करना जरूरी होता है।

क्या है ज़्यादा बेहतर?

अगर तुलना की जाए तो घरेलू स्किन केयर रोजमर्रा की देखभाल और त्वचा को स्वस्थ बनाए रखने के लिए जरूरी है, जबकि कॉस्मेटोलॉजी ट्रीटमेंट विशेष समस्याओं के समाधान के लिए ज्यादा असरदार हैं। दोनों को एक-दूसरे का विकल्प नहीं बल्कि पूरक समझना चाहिए। बेसिक स्किन केयर के बिना कॉस्मेटोलॉजी ट्रीटमेंट का पूरा लाभ नहीं मिलता।

निष्कर्ष के तौर पर कहा जा सकता है कि हल्की समस्याओं और मेंटेनेंस के लिए घरेलू स्किन केयर पर्याप्त है, लेकिन लंबे समय से चली आ रही या गंभीर त्वचा समस्याओं में त्वचा विशेषज्ञ से सलाह लेकर कॉस्मेटोलॉजी ट्रीटमेंट कराना ज्यादा प्रभावी और सुरक्षित विकल्प होता है। 

डिस्क्लेमर: इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। Satya Report किसी भी प्रकार के दावे की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।

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