
लखनऊ। प्रदेश सरकार ने शहरों में प्रतिबंधित प्लास्टिक पर विज्ञापन होर्डिंग लगाने पर रोक लगा दी है। भवन या परिसर में विज्ञापन लगाने से पहले संरचनात्मक इंजीनियर से इसे प्रमाणित भी करवाना होगा। मेला, जादू शो, संगीत समारोह जैसे आयोजनों का विज्ञापन लगाने के लिए अस्थाई लाइसेंस नगर निगमों से लेना होगा।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में गुरुवार को हुई कैबिनेट की बैठक में उत्तर प्रदेश नगर निगम (आकाश चिह्न और विज्ञापनों का विनियमन) नियमावली 2026 को स्वीकृति दे दी गई।
नई नियमावली के अनुसार, अब नगर निगमों द्वारा अधिकतम 12 वर्ष के लिए विज्ञापन लगाने का ठेका एजेंसियों को दिया जाएगा। शहरों में सार्वजनिक स्थानों पर विज्ञापन सीमित संख्या में लगाए जाएंगे। विज्ञापन का ठेका देने के लिए नगर निगमों में नगर आयुक्त की अध्यक्षता में एक तकनीकी समिति बनाई जाएगी।



