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8th Pay Commission: एरियर का पैसा एक साथ मिलेगा या किस्तों में? सैलरी कब बढ़ेगी, ये भी जान लीजिए

8th Pay Commission: एरियर का पैसा एक साथ मिलेगा या किस्तों में? सैलरी कब बढ़ेगी, ये भी जान लीजिए

आठवां वेतन आयोग

8th Pay Commission: नया साल शुरू होते ही देशभर के केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के बीच आठवें वेतन आयोग को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है. सरकारी दफ्तरों से लेकर कर्मचारी संगठनों तक, हर किसी की जुबान पर बस एक ही सवाल है- आखिर बढ़ी हुई सैलरी बैंक खाते में कब आएगी? इसके साथ ही एरियर को लेकर भी असमंजस की स्थिति बनी हुई है. क्या पुराना बकाया पैसा एक साथ मिलेगा या सरकार इसे किस्तों में देगी? आठवें वेतन आयोग को लेकर जो ताजा समीकरण बन रहे हैं, वे कर्मचारियों के लिए राहत और चिंता दोनों लेकर आए हैं. आइए, एक्सपर्ट्स की राय और मौजूदा नियमों के आधार पर समझते हैं कि आने वाले दिनों में आपकी सैलरी स्लिप में क्या बदलाव देखने को मिल सकते हैं.

कब तक खाते में आएगी बढ़ी हुई सैलरी?

ऑल इंडिया एनपीएस इम्प्लॉइज फेडरेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. मंजीत पटेल ने इस मुद्दे पर जो जानकारी साझा की है, वह काफी अहम है. नियमों पर गौर करें तो आठवां वेतन आयोग 1 जनवरी 2026 से ड्यू (Due) है, यानी तकनीकी रूप से कर्मचारियों का हक इसी तारीख से बनता है.

हालांकि, सरकारी प्रक्रिया में वक्त लगता है. सरकार ने वेतन आयोग को अपनी रिपोर्ट तैयार करने और उसे सौंपने के लिए करीब 18 महीने का समय दिया है. रिपोर्ट आने के बाद भी कैबिनेट की मंजूरी और इसे लागू करने की प्रशासनिक प्रक्रिया में 6 महीने और लग सकते हैं. ऐसे में अगर सब कुछ तय समय पर हुआ, तो कर्मचारियों के हाथ में बढ़ी हुई सैलरी जनवरी 2028 तक आने की उम्मीद है. वहीं, अगर सरकार ने राजनीतिक इच्छाशक्ति दिखाई, तो जुलाई 2027 में भी खुशखबरी मिल सकती है.

एरियर का पैसा, किस्तों में या एकमुश्त?

वेतन आयोग लागू होने में देरी का मतलब है कि एरियर (बकाया राशि) का गणित बड़ा होगा. कर्मचारियों के मन में यह आशंका है कि कहीं एरियर किस्तों में तो नहीं मिलेगा? डॉ. मंजीत पटेल ने इस संशय को दूर करते हुए बताया कि केंद्र सरकार के इतिहास में एरियर का भुगतान अमूमन एकमुश्त ही किया गया है.

चूंकि आठवां वेतन आयोग 1 जनवरी 2026 से प्रभावी माना जाएगा, इसलिए एरियर की गणना भी इसी तारीख से होगी. भले ही फैसला 2027 या 2028 में आए, लेकिन एरियर का भुगतान पुरानी तारीख से ही जोड़कर किया जाएगा. राहत की बात यह है कि पूरी संभावना है कि यह पैसा कर्मचारियों को एक साथ ही मिलेगा, न कि टुकड़ों में.

देरी से कर्मचारियों को होगा नुकसान

सुनने में एरियर का पैसा एक साथ मिलना अच्छा लगता है, लेकिन असलियत में आयोग के गठन और लागू होने में देरी से कर्मचारियों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है. अगर आयोग समय पर लागू हो जाता, तो कर्मचारियों को बढ़ा हुआ हाउस रेंट अलाउंस (HRA) और ट्रांसपोर्ट अलाउंस (TA) भी समय से मिलने लगता.

एक्सपर्ट्स के आकलन के मुताबिक, एचआरए और टीए का एरियर आमतौर पर पिछली तारीखों से (retrospectively) नहीं दिया जाता. इसका सीधा मतलब है कि लेवल-8 के एक अधिकारी को इस देरी की वजह से करीब 3.5 से 4 लाख रुपये तक का फटका लग सकता है. इसके अलावा, महंगाई भत्ता (DA) पहले ही 50 फीसदी का आंकड़ा पार कर चुका है, जिसे नियमों के तहत बेसिक सैलरी में मर्ज हो जाना चाहिए था. ऐसा न होने से भी कर्मचारी पिछले दो सालों से अपनी वास्तविक हकदार सैलरी से कम पा रहे हैं.

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