साउथ अफ्रीका के खिलाफ वनडे सीरीज में टीम इंडिया ने शानदार जीत दर्ज की, जिसमें विराट कोहली प्रदर्शन के असली हीरो रहे। इस पूरी सीरीज में कोहली ने लगातार रन बनाते हुए अपनी पुरानी चमक वापस दिखा दी। तीन मैचों में उन्होंने 135, 102 और 65* रनों की पारियां खेलकर भारत को सीरीज जिताई। रांची में लगाया गया उनका 52वां वनडे शतक सबसे खास रहा। इस प्रदर्शन की बदौलत उन्हें अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 20वां प्लेयर ऑफ द सीरीज अवॉर्ड मिला।
सीरीज जीत के बाद कोहली ने अपनी फॉर्म पर खुलकर बात की और बताया कि आखिर उनकी बल्लेबाजी में अचानक इतनी निखार कैसे आया। कोहली के मुताबिक, बीते 2-3 सालों में उन्होंने ऐसा फ्री माइंडसेट महसूस नहीं किया था। उसी मानसिकता ने उन्हें बड़े शॉट खेलने और जोखिम उठाने का आत्मविश्वास दिया।
विराट ने कहा कि उन्हें इस सीरीज में बल्लेबाजी करते हुए काफी संतोष मिला। जब वह फ्री होकर खेलते हैं तो उन्हें यकीन रहता है कि किसी भी स्थिति को टीम के पक्ष में बदल सकते हैं। इसी मानसिकता की वजह से उन्होंने तीन मैचों में दो शतक और एक अर्धशतक जड़ा।
सीरीज में लगाए गए 12 छक्कों पर कोहली ने कहा कि जब वह खुलकर बल्लेबाजी करते हैं तो उन्हें पता होता है कि वह छक्के जड़ सकते हैं। उन्होंने कहा कि वह अच्छी बल्लेबाजी कर रहे थे और बस थोड़ा मजा लेना चाहते थे, इसलिए जोखिम उठाया। रांची की पारी को उन्होंने सबसे खास बताया, क्योंकि इसने उन्हें एक ऐसे जोन में पहुंचा दिया जिसकी उन्हें लंबे समय से तलाश थी।
कोहली का कहना है कि ऑस्ट्रेलिया सीरीज के बाद वह लंबे समय तक मैदान से दूर थे। वापसी के बाद जैसे ही उन्हें महसूस हुआ कि गेंद बल्ले पर सही लग रही है और ऊर्जा उच्च स्तर पर है, वह जोखिम लेने के लिए पूरी तरह तैयार हो गए। उन्होंने माना कि यह तीन मैच उनके लिए बेहद अहम रहे और वे इस प्रदर्शन के लिए आभारी हैं।




