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पूर्व सपा विधायक दीप नारायण यादव पर बड़ी कार्रवाई, गैंगस्टर एक्ट में 21 करोड़ की संपत्ति कुर्क

Major Action Against Former Sp Mla Deep Narayan Yadav Property Worth Rs 21 Crore Seized Under Gangster Act

Uttar Pradesh News: समाजवादी पार्टी के पूर्व विधायक दीप नारायण सिंह यादव के खिलाफ पुलिस और प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। जिलाधिकारी न्यायालय के आदेश पर गैंगस्टर एक्ट, डकैती और मारपीट जैसे गंभीर मामलों में उनकी अवैध रूप से अर्जित लगभग 21 करोड़ रुपये की संपत्ति को कुर्क किया गया है।

उत्तर प्रदेश पुलिस और प्रशासन ने समाजवादी पार्टी के पूर्व विधायक दीप नारायण सिंह यादव के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। झांसी पुलिस ने जिलाधिकारी न्यायालय के आदेश के बाद यह कदम उठाया। दीप नारायण यादव पर गैंगस्टर एक्ट, डकैती और मारपीट जैसे कई गंभीर मामले दर्ज हैं। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, पूर्व विधायक द्वारा दर्ज मामलों में अवैध तरीके से कमाई गई संपत्ति को पहले चिन्हित किया गया।

21 करोड़ रुपये की संपत्ति पर एक्शन

जांच पूरी होने के बाद प्रशासन ने उनकी करीब 20 करोड़ रुपये की अचल संपत्ति कुर्क कर ली, हालांकि इस कार्रवाई में जब्त संपत्ति का मूल्य 21 करोड़ रुपये भी बताया गया है। यह कार्रवाई प्रशासन की ओर से अपराध और गैंगस्टर नेटवर्क के खिलाफ सख्त संदेश माना जा रहा है। अधिकारियों का स्पष्ट कहना है कि अपराध से अर्जित संपत्ति को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा और आगे भी इसी तरह की कार्रवाई जारी रहेगी।

करगुवा मंदिर के पास की संपत्ति जब्त, नोटिस बोर्ड लगाया

पुलिस के अनुसार, प्रशासन ने मेडिकल कॉलेज के पीछे करगुवा मंदिर के पास स्थित करोड़ों की संपत्ति को चिन्हित किया। कुर्की की प्रक्रिया पूरी करने के बाद मौके पर नोटिस बोर्ड भी लगाया गया है। यह कार्रवाई 21 नवंबर को मोंठ कोतवाली क्षेत्र में हुई मारपीट और डकैती की घटना से जुड़ी है। इस घटना के बाद ही दीप नारायण यादव पर गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की गई, जिसके चलते पुलिस ने उनकी संपत्तियों का ब्योरा जुटाना शुरू किया था।

पूर्व विधायक फरार, पुलिस गिरफ्तारी के प्रयास में

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, पूर्व सपा विधायक दीप नारायण यादव 21 नवंबर की घटना के बाद से ही फरार चल रहे हैं। वह लंबे समय से पुलिस की पकड़ से बाहर हैं। हालांकि, उन्होंने गिरफ्तारी से बचने के लिए न्यायालय में सरेंडर (समर्पण) की अर्जी दाखिल की है, जिस पर न्यायालय में सुनवाई होनी है।

एक ओर जहां पुलिस लगातार उनकी गिरफ्तारी के प्रयास जारी रखे हुए है, वहीं दूसरी ओर पुलिस ने पूर्व विधायक को शरण देने और मदद करने वालों के खिलाफ भी सख्त रुख अपनाया है। पुलिस की सख्ती का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि उनके एक सहयोगी को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है

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