मऊगंज: नवगठित मऊगंज जिले में भ्रष्टाचार के आरोपों ने एक बार फिर प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. कलेक्टर कार्यालय में पदस्थ निज सहायक (चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी) पंकज श्रीवास्तव पर कथित रिश्वतखोरी के आरोपों को लेकर सामाजिक संगठनों का गुस्सा अब सड़कों पर दिखने लगा है. कड़कड़ाती ठंड के बीच बीते तीन दिनों से खुले आसमान के नीचे अनवरत धरना-प्रदर्शन जारी है.
मामला एक छात्रावास की अधीक्षिका से कथित रूप से 1 लाख 12 हजार रुपये की रिश्वत लेने से जुड़ा बताया जा रहा है. आरोपों के समर्थन में ऑडियो-वीडियो वायरल होने के बाद भी प्रशासन द्वारा सिर्फ जांच का आश्वासन दिए जाने से आमजन में असंतोष बढ़ता जा रहा है. प्रदर्शनकारियों की मांग है कि निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए आरोपी निज सहायक को तत्काल पद से हटाया जाए, लेकिन प्रशासन इस मांग पर अब तक अडिग नजर आ रहा है.
धरने में देश बचाओ आध्यात्मिक राष्ट्रीय पुनर्जागरण अभियान से जुड़े मुद्रिका प्रसाद विश्वमित्र सहित कई सामाजिक संगठन सक्रिय हैं. उनका आरोप है कि कलेक्टर संजय जैन द्वारा ऐसे कर्मचारियों को संरक्षण दिया जाना कहीं न कहीं संलिप्तता की ओर इशारा करता है. धरनास्थल पर “हम जेल से नहीं डरते” और “भ्रष्टाचार के खिलाफ संघर्ष जारी रहेगा” जैसे नारे भी गूंजते रहे.
15 दिसंबर को हालात उस समय और तनावपूर्ण हो गए जब धरनास्थल पर पहुंचे टेंट लोड वाहन को जप्त कर लिया गया. एसडीएम राजेश मेहता द्वारा अनुमति के बिना धरना देने की बात कहकर गिरफ्तारी की चेतावनी देने से प्रदर्शनकारियों में भारी आक्रोश फैल गया, हालांकि वे डटे रहे और अधिकारी मौके से लौट गए.




