

ईरान और अमेरिका के वार्ताकार शुक्रवार को इस्लामाबाद में शनिवार से शुरू होने वाली उच्चस्तरीय बातचीत की तैयारी कर रहे हैं। दोनों पक्ष सीजफायर को स्थिर करने की कोशिश कर रहे हैं, जो इजरायल-हिजबुल्लाह के बीच गोलीबारी और होर्मुज जलडमरूमध्य पर ईरान के नियंत्रण के कारण डगमगा रहा है। अमेरिकी उपराष्ट्रपति जे.डी. वैंस वाशिंगटन से रवाना होने वाले थे, जबकि ईरान अभी तक अपनी टीम के बारे में चुप है। ईरान वाशिंगटन पर दबाव डाल रहा है कि इजरायल लेबनान में हमले रोक दे। इस बीच इजरायल के पीएम बेंजामिन नेतन्याहू की ओर से लेबनान के साथ वार्ता को मंजूरी देने के बाद ईरान-अमेरिका युद्ध विराम पर बातचीत आगे बढ़ने के संकेत मिलने लगे हैं। आईडीएफ का दावा है हिजबुल्लाह ने इजरायल से युद्ध विराम अपील की है।
ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड (आईआरजीसी) के करीबी सेमी-ऑफिशियल तस्नीम न्यूज एजेंसी ने दावा किया कि अगर ऐसा नहीं हुआ तो बातचीत “निलंबित” रह जाएगी। इसी बीच कुवैत ने कहा कि गुरुवार रात उसे ड्रोन हमले का सामना करना पड़ा, जिसके लिए उसने ईरान और क्षेत्रीय मिलिशिया को जिम्मेदार ठहराया। हालांकि ईरान के पैरामिलिट्री रिवोल्यूशनरी गार्ड ने किसी हमले से इनकार किया, लेकिन उसने पहले भी मध्य पूर्व में कई ऐसे हमले किए हैं… जिनकी जिम्मेदारी उसने नहीं ली थी। ईरान के साथ वार्ता के अलावा, इजरायल-लेबनान वार्ता भी अगले हफ्ते वाशिंगटन में स्टेट डिपार्टमेंट में शुरू होने की उम्मीद है जो मध्य पूर्व में सीजफायर प्रयासों को बढ़ावा दे सकती है। यह जानकारी एक अमेरिकी अधिकारी और योजना से परिचित व्यक्ति ने दी, जिन्होंने मामले की संवेदनशीलता के कारण गुमनाम रहने की शर्त पर बात की।
इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने गुरुवार कहा था कि उन्होंने “जल्द से जल्द” लेबनान के साथ प्रत्यक्ष बातचीत को मंजूरी दी। इसका उद्देश्य ईरान समर्थित हिजबुल्लाह आतंकवादियों को निहत्था करना और दोनों पड़ोसियों के बीच संबंध स्थापित करना है। इजरायल और लेबनान तकनीकी रूप से 1948 से युद्ध की स्थिति में हैं। नेतन्याहू ने बाद में जोर देकर कहा कि उनके बीच कोई सीजफायर नहीं है। इजरायल की यह घोषणा तब आई जब यह स्पष्ट नहीं था कि सीजफायर सौदे में इजरायल-हिजबुल्लाह के बीच लड़ाई रोकना शामिल है या नहीं। इसके एक दिन पहले इजरायल ने बेरूत पर भारी हवाई हमले किए, जो 28 फरवरी से शुरू हुए युद्ध के बाद लेबनान का सबसे घातक दिन था।
वाशिंगटन में होने वाली इन बातचीत का नेतृत्व अमेरिकी पक्ष से लेबनान में अमेरिकी राजदूत मिशेल इस्सा और इजरायली पक्ष से अमेरिका में इजरायली राजदूत येचियल लाइटर करेंगे। शुक्रवार सुबह तक लेबनान सरकार की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई थी और यह स्पष्ट नहीं था कि लेबनान की ओर से कौन प्रतिनिधित्व करेगा। इन वार्ताओं का समय और स्थान सबसे पहले एक्सियोस ने रिपोर्ट किया था। सीजफायर की घोषणा के साथ जीत का दावा करने के बाद दोनों देश एक-दूसरे पर दबाव डाल रहे हैं।
ईरान की सेमी-ऑफिशियल एजेंसियों ने संकेत दिया कि ईरानी बलों ने तेल के महत्वपूर्ण जलमार्ग हॉर्मुज स्ट्रेट में माइन्स बिछा दिए हैं, जिसे तेहरान ने बंद कर रखा है। ट्रंप ने चेतावनी दी कि अगर ईरान समझौते का पालन नहीं करता तो अमेरिकी बल पहले से भी ज्यादा सख्ती से ईरान पर हमला करेंगे। गुरुवार देर रात अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सीजफायर की प्रभावशीलता पर संदेह जताते हुए अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लिखा, “ईरान हॉर्मुज स्ट्रेट से तेल गुजरने देने में बहुत खराब काम कर रहा है, कुछ लोग इसे बेईमानी कहेंगे।यह वह समझौता नहीं है जो हमने किया था!”



