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आजकल हार्ट अटैक और दिल की बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं। बच्चे, युवा और बुजुर्ग हर कोई इसका शिकार हो रहा है। हालांकि दुनियाभर में युवाओं की संख्या इसमें सबसे ज्यादा है। कम उम्र के लोगों में बढ़ रहे हार्ट अटैक का बड़ा कारण खराब लाइफस्टाइल, हाई ब्लड प्रेशर, तनाव और हाई कोलेस्ट्रॉल को माना जा रहा है। खराब कोलेस्ट्रॉल नसों को ब्लॉक कर देता है जिससे हार्ट अटैक और स्ट्रोक के मामले बढ़ रहे हैं. अब इस बदलती लाइफस्टाइल को लेकर अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन (AHA) और अमेरिकन कॉलेज ऑफ कार्डियोलॉजी (ACC) ने कोलेस्ट्रॉल को लेकर नई गाइडलाइंस जारी की हैं। जिसमें कोलेस्ट्रॉल का नॉर्मल लेवल और उम्र में बड़ा बदलाव किया गया है।
अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन की नई गाइडलाइंस में ये साफ कहा गया है कि अगर आपकी दिनचर्या खराब है और लगातार बैठे रहने का काम है तो कोलेस्ट्रॉल का ध्यान रखना जरूरी है। इसके लिए कम उम्र में ही उचित कदम उठाए जाने चाहिए। पहले समस्या सामने आने पर इलाज होता था, लेकिन अब शुरुआत में ही इस खतरे का पता लगाया जा सकता है।
कोलेस्ट्रॉल लेवल को लेकर नई गाइडलाइन
अमेरिकन कॉलेज ऑफ कार्डियोलॉजी के अनुसार अब सिर्फ कुछ सालों का खतरा नहीं बल्कि पूरी जिंदगी का जोखिम देखकर सही इलाज दिया जाएगा। इसके लिए खास टूल प्रिवेंट कैलकुलेटर पेश किया गया है। इससे व्यक्ति की उम्र, ब्लड प्रेशर, डायबिटीज और स्मोकिंग की आदतों के आधार पर अगले 10 से 30 साल में हार्ट अटैक की बीमारी के खतरे के बारे में पता लगाया जाएगा। इससे कोलेस्ट्रॉल को लो, बॉर्डरलाइन, इंटरमीडिएट और हाई रिस्क कैटेगरी में जांचकर रिस्क का पता लगाया जाएगा।
कितना होना चाहिए कोलेस्ट्रॉल
नई गाइडलाइंस के हिसाब से अगर आपको कोई बीमारी नहीं है तो LDL 100 mg/dL से कम होना चाहिए। जिन लोगों को कोई बीमारी है या खतरा है तो उनका कोलेस्ट्रॉल 70 से नीचे होना चाहिए। वहीं जिन्हें पहले हार्ट अटैक आ चुका है उन्हें बहुत ज्यादा खतरा है। ऐसे लोगों का कोलेस्ट्रॉल LDL 55 mg/dL से भी कम होना चाहिए। इससे दिल को सुरक्षित रखा जा सकता है।
किस उम्र में करानी चाहिए कोलस्ट्रॉल की जांच
अब तक लोग 30 साल के बाद कोलेस्ट्रॉल की जांच कराते थे, लेकिन अब बच्चों और युवाओं पर भी ध्यान दिया गया है। जिनके परिवार में दिल की बीमारी की हिस्ट्री रही है उन्हें 9-10 साल के बच्चों का कोलेस्ट्रॉल भी चेक करने की सलाह दी गई है। इससे दिल की बीमारियों के खतरे को कम किया जा सकता है।



