

लिवर शरीर में रासायनिक कारखाने की तरह काम करता है जो पोषक तत्वों को तोड़ता है और खून में पाए जाने वाले विषाक्त पदार्थों को छानकर बाहर निकालने का काम करता है। लेकिन कुछ चीजें लिवर की सेहत के लिए बिल्कुल अच्छी नहीं मानी जाती हैं। जिसमें तेल, घी और चिकनाई सबसे ऊपर है, हालांकि चीनी भी लिवर को बहुत नुकसान पहुंचाती है। इससे फैटी लिवर और लिवर सिरोसिस का खतरा बढ़ता है। आइये जानते हैं मीठी चीजें लिवर पर क्या असर डालती हैं। लिवर चीनी और ग्लूकोज को कैसे पचाता है और ज्यादा मीठा खाने से लिवर पर क्या असर होता है?
जब आप चीनी या ज्यादा मीठा खाते हैं तो पाचन तंत्र इसे दो मुख्य घटकों में तोड़ देता है। जिसमें पहला ग्लूकोज है जिससे शरीर को एनर्जी मिलती है और कोशिकाएं फ्यूल के रूप में इसका इस्तेमाल करती हैं। दूसरा फ्रुक्टोज है जो फलों, शहद और प्रोसेस्ड फूड में पाया जाता है। ये एक तरह की शुगर ही होती है जिसकी प्रोसेसिंग लिवर करता है। लेकिन जब आप ज्यादा मात्रा में चीनी या दूसरी मीठी चीजों का इस्तेमाल करने लगते हैं तो लिवर पर दबाव पड़ने लगता है और लिवर ग्लूकोज को फैट में बदलना शुरू कर देता है।
ज्यादा चीनी या मीठा खाने से लिवर को नुकसान
लिवर में फैट– जब लिवर में ग्लूकोज की मात्रा बढ़ जाती है तो ये फैट में परिवर्तित हो जाता है, ये फैट लिवर कोशिकाओं में जमा होने लगता है। इससे लंबे समय में नॉन-अल्कोहल फैटी लिवर रोग का खतरा बढ़ जाता है। लिवर में फैट बढ़ने से लिवर में सूजन आने लगती है।
इंसुलिन प्रतिरोध– जब लिवर में हाई शुगर हो जाता है तो इंसुलिन का प्रतिरोध करना शुरू कर सकता है। ये ब्लड शुगर को रेगुलेट करने वाला हार्मोन है। ये टाइप 2 डायबिटीज के खतरे को बढ़ाता है और लिवर के स्वास्थ्य को और भी खराब कर सकता है।
लिवर में सूजन और घाव– ज्यादा चीनी का सेवन करने से लंबे समय में लिवर में सूजन हो सकती है, कई बार तो लिवर में घाव (फाइब्रोसिस) हो सकता है। गंभीर मामलों में लिवर सिरोसिस हो सकता है।
ज्यादा चीनी खाने के संकेतभरपूर नींद लेने के बाद भी दिनभर थकान महसूस होना
पेट के ऊपरी दाहिने हिस्से में दर्द या सूजन महसूस होना
बिना किसी कारण के अचानक से पेट के आसपास मोटापा बढ़ना
गहरे रंग का टायलेट आना और त्वचा का पीला पड़ना
चीनी की लत लगना और कुछ मीठा खाने का मन करते रहना



