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अब पेंशनर्स को मिलेगा हेल्थ कवर, सरकार ने शुरू की नई NPS स्वास्थ्य स्कीम, ये रही डिटेल

महंगे इलाज और तेजी से बढ़ते मेडिकल खर्च आज हर परिवार की बड़ी टेंशन बन चुके हैं. खासतौर पर रिटायरमेंट के बाद, जब कमाई सीमित हो जाती है, तब अस्पताल का खर्च जेब पर भारी पड़ता है. इसी परेशानी को देखते हुए सरकार के पेंशन रेगुलेटर PFRDA ने एक नई और अहम योजना शुरू की है. इसका नाम है NPS स्वास्थ्य पेंशन स्कीम. इस स्कीम के तहत अब लोग अपनी पेंशन की बचत से इलाज का खर्च भी निकाल सकेंगे.

यह योजना फिलहाल पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर शुरू की गई है और इसे रेगुलेटरी सैंडबॉक्स के तहत आजमाया जा रहा है. यानी अभी इसे छोटे स्तर पर लागू किया गया है, ताकि आगे चलकर इसे पूरे देश में लॉन्च किया जा सके.

क्या है NPS स्वास्थ्य पेंशन स्कीम?

NPS स्वास्थ्य पेंशन स्कीम को खास तौर पर इलाज से जुड़ी जरूरतों के लिए बनाया गया है. इस योजना में जमा किया गया पैसा भविष्य में डॉक्टर की फीस, दवाइयों और अस्पताल में भर्ती होने के खर्च के लिए इस्तेमाल किया जा सकेगा. सरल भाषा में कहें, तो अब आपकी पेंशन की रकम सिर्फ रिटायरमेंट के लिए नहीं, बल्कि बीमारी के समय भी आपके काम आएगी.

PFRDA के मुताबिक, यह स्कीम पूरी तरह स्वैच्छिक है. यानी इसमें जुड़ना या न जुड़ना आपकी मर्जी पर है. यह योजना नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) के तहत एक अलग श्रेणी की स्कीम के रूप में शुरू की गई है.

PFRDA ने दिया जरूरी सवालों का जवाब

  1. योग्यता- भारत का कोई भी नागरिक NPS स्वास्थ्य पेंशन स्कीम में शामिल हो सकता है. अगर किसी के पास पहले से कॉमन स्कीम अकाउंट नहीं है, तो हेल्थ पेंशन अकाउंट खोलने के साथ-साथ यह अकाउंट भी खोलना होगा.
  2. चार्जेज- इस योजना से जुड़े सभी तरह के चार्ज और फीस MSF तय करेगा और इन्हें साफ-साफ बताया जाएगा. सर्कुलर के अनुसार, इन फीस में हेल्थ बेनिफिट एडमिनिस्ट्रेटर (HBA) को दिया जाने वाला शुल्क भी शामिल होगा.
  3. कंट्रिब्यूशंस- सब्सक्राइबर NPS के नियमों के अनुसार अपनी मर्जी से कोई भी रकम इस स्वास्थ्य पेंशन स्कीम में जमा कर सकता है.
  4. निवेश- योजना में जमा किया गया पैसा निर्धारित निवेश नियमों के तहत निवेश किया जाएगा, ताकि समय के साथ इसमें बढ़त हो सके.
  5. कॉमन स्कीम अकाउंट से रकम ट्रांसफर- 40 साल से ज्यादा उम्र के सब्सक्राइबर सरकारी कर्मचारी और सरकारी कंपनियों के कर्मचारी को छोड़कर अपने कॉमन स्कीम अकाउंट से अपनी जमा रकम का 30% तक NPS हेल्थ पेंशन अकाउंट में ट्रांसफर कर सकते हैं.
  6. मेडिकल खर्च के लिए आंशिक निकासी- इलाज के लिए चाहे वह डॉक्टर को दिखाना हो या अस्पताल में भर्ती होना, सब्सक्राइबर अपने अकाउंट से आंशिक रकम निकाल सकता है. किसी भी समय, अपने जमा किए गए पैसे का 25% तक निकाला जा सकता है. निकासी की संख्या पर कोई सीमा नहीं है और इसके लिए कोई इंतजार की शर्त भी नहीं है. हालांकि, पहली बार निकासी तभी संभव होगी, जब अकाउंट में कम से कम 50,000 रुपये जमा हो चुके हों.
  7. गंभीर बीमारी के इलाज के लिए पूरा पैसा निकालने की सुविधा- अगर किसी गंभीर बीमारी के इलाज में अस्पताल का खर्च एक बार में ही आपके अकाउंट की कुल रकम के 70% से ज्यादा हो जाता है, तो ऐसी स्थिति में सब्सक्राइबर को पूरी जमा रकम (100%) निकालने की अनुमति होगी, ताकि इलाज में कोई रुकावट न आए.
  8. क्लेम सेटलमेंट- निकाली गई रकम सीधे अस्पताल या इलाज से जुड़े संस्थानों (HBA या TPA) को भेजी जाएगी, जो बिल और इलाज से जुड़े दस्तावेजों के आधार पर भुगतान करेंगे. इलाज का खर्च निकलने के बाद अगर कोई रकम बचती है, तो उसे दोबारा सब्सक्राइबर के कॉमन स्कीम अकाउंट में भेज दिया जाएगा.

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