

यूपी के कानपुर में हुए बिठूर गैंगरेप मामले ने एक बार फिर पूरे समाज की अंतरात्मा को झकझोर दिया है। यहां वाराणसी की 15 साल की नाबालिग के साथ मंधना क्षेत्र के हॉस्टल में हुई गैंगरेप की घटना शनिवार को कोर्ट में कलमबंद हुई। नाबालिग ने अपर सिविल जज (जूनियर डिवीजन) की अदालत में आपबीती सुना दी। वहीं, पीड़िता के माता-पिता भी जब बिठूर थाने पहुंचे, जहां उनका बेटी से आमना-सामना कराया गया, तो मां को देखते ही नाबालिग उनसे लिपटकर फूट-फूटकर रो पड़ी।
जानकारी के अनुसार, वाराणसी से कानपुर के मंधना पहुंची नाबालिग को बीते मंगलवार की रात करीब 12 बजे पदम त्रिपाठी नामक युवक हॉस्टल में कमरा दिलाने के बहाने अपने साथ ले गया था। हॉस्टल के कमरे में पहुंचते ही पदम ने अपने दोस्त निहाल सिंह और नितेश दुबे उर्फ बिल्लू को भी बुला लिया। तीनों ने मिलकर नाबालिग को 5 घंटे तक बंधक बनाया और उसके साथ गैंगरेप किया। इसके बाद तीनों हैवान, किशोरी को कमरे में छोड़कर फरार हो गए।
हालांकि, दूसरे दिन सुबह बदहवास हालत में नाबालिग को देखकर हॉस्टल में रहने वाले एक युवक ने डायल 112 पर सूचना दी। फिर पुलिस ने तुरंत मौके पर पहुंचकर पदम त्रिपाठी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। उसके दो साथी निहाल सिंह और नितेश दुबे को 55 घंटे बाद गिरफ्तार किया गया।
बीते शनिवार को नाबालिग ने कोर्ट में अपना बयान दर्ज कराते हुए बताया कि पदम त्रिपाठी उसे साथ लेकर गया था। वहां पहुंचकर उसने अपने दोस्तों को बुलाया और फिर तीनों ने मिलकर उसके साथ गैंगरेप किया। नाबालिग की इस गवाही से पूरे मामले की पुष्टि हो गई है।
यह घटना न केवल कानपुर बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश में महिलाओं और किशोरियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है। हॉस्टल जैसी जगहों पर भी ऐसी हैवानियत होना चिंताजनक है। पुलिस ने तीनों आरोपियों को जेल भेज दिया है, लेकिन पीड़िता परिवार की सामाजिक दुश्वारियां अब भी बरकरार हैं।
पुलिस का कहना है कि मामला अभी जांच के अंतिम चरण में है और जल्द ही चार्जशीट दाखिल कर दी जाएगी। पीड़िता को सुरक्षा और काउंसलिंग की व्यवस्था भी की गई है।



