
पंचक दिसंबर के महीने में 24 तारीख से शुरू होंगे। 29 दिसंबर की सुबह 7 बजकर 41 मिनट तक पंचक रहेंगे। आपको बता दें कि जब भी चंद्रमा धनिष्ठा, शतभिषा, पूर्वाभाद्रपद, उत्तराभाद्रपद और रेवती नक्षत्र में से होकर गुजरते हैं तो इन पांच दिनों के समय काल को पंचक कहा जाता है। पंचक के पांच दिनों को कई कार्यों के लिए वर्जित माना जाता है। 24 दिसंबर से शुरू होने वाले पंचक राज पंचक हैं क्योंकि यह पंचक बुधवार के दिन से शुरू हो रहे हैं। आइए जान लेते हैं पंचक के दौरान आपको क्या नहीं करना चाहिए।
पंचक के दौरान ये कार्य करना होता है वर्जित
नव निर्माण कार्य
पंचक के दौरान आपको नए कार्य शुरू नहीं करने चाहिए। खासकर इस दौरान आपको घर की नींव नहीं डालनी चाहिए। घर की छत का कार्य करना भी इस दौरान गलत माना जाता है। ऐसा करने से आपको आर्थिक हानि हो सकती है और पारिवारिक जीवन में भी परेशानियों का सामना आपको करना पड़ सकता है।
यात्रा करने से बचें
पंचक के दौरान यात्राएं करना भी बहुत अच्छा नहीं माना जाता। खासकर दक्षिण दिशा की यात्रा करने से आपको दिक्कतें हो सकते हैं। पंचक में दक्षिण दिशा की यात्रा करने से दुर्घटना और धन हानि का भय रहता है।
लेन-देन का कार्य
पंचक के पांच दिनों में आपको लेन-देन करने से भी बचना चाहिए। बड़ी रकम का लेन-देन इस दौरान करना आपको भारी पड़ सकता है। धन का निवेश करने से भी आपको घाटा हो सकता है। खासकर चोर पंचक (शुक्रवार से शुरू होने वाले पंचक) के दौरान तो आपको धन से जुड़े मामलों को लेकर बेहद सतर्क रहना चाहिए। इस समयकाल में जमीन, घर आदि की खरीदारी और बिक्री करने से भी बचें।
पंचक में न करें ये शुभ कार्य
पंचक के दौरान शादी, सगाई, नए घर में प्रवेश आदि शुभ कार्य नहीं करने चाहिए। अग्नि पंचक (मंगलवार से शुरू होने वाले), चोर पंचक और मृत्यु पंचक (शनिवार से शुरू होने वाले), पंचक के दौरान तो गलती से भी इन कार्यों को न करें।
बेडरूम से जुड़े कार्य करने से बचें
पंचक के दौरान बेडरूम से जुड़े कार्य भी आपको नहीं करने चाहिए। दीवारों की पुताई, नई चारपाई खरीदना या बेडरूम से जुड़ा कोई भी कार्य इस दौरान नहीं करना चाहिए। इसके कारण आपके वैवाहिक जीवन में दिक्कतें आ सकती हैं।
पंचक के प्रकार
राज पंचक- सोमवार, बुधवार और गुरुवार से शुरू होने वाले पंचक- इन दिनों से शुरू होने वाले पंचकों को दोषमुक्त माना जाता है। इन्हें राज पंचक की संज्ञा भी दी जाती है। कुछ उपाय आजमाने के बाद इन दिनों से शुरू होने वाले पंचक में कुछ शुभ कार्य किए जा सकते हैं। राज पंचक में सरकारी कार्य, भूमि पूजन, वाहन खरीदना आदि कार्य इस दौरान सही माने जाते हैं।
रोग पंचक- रविवार के दिन से शुरू होने वाले पंचक को रोग पंचक कहा जाता है। इस पंचक के बुरे प्रभाव से आपको मानसिक परेशानियां आ सकती हैं। इस दौरान किसी भी तरह का शुभ कार्य नहीं करना चाहिए।
अग्नि पंचक– मंगलवार के दिन से शुरू होने वाले पंचक अग्नि पंचक कहे जाते हैं। इस दौरान भी मांगलिक कार्य वर्जित होते हैं। मशीनों से जुड़ा कार्य, जमीन या निर्माण से जुड़े कार्य तो इस दौरान बिल्कुल भी नहीं करने चाहिए।
चोर पंचक– शुक्रवार के दिन से शुरू होने वाले पंचक को चोर पंचक कहा जाता है। इस दौरान कारोबार से जुड़े कार्य, धन से जुड़े कार्य और यात्रा करने से बचना चाहिए।
मृत्यु पंचक- शनिवार से शुरू होने वाले पंचक को मृत्यु पंचक कहा जाता है। इस दौरान किसी भी तरह का रिस्क आपको नहीं उठाना चाहिए। इस समयकाल में दुर्घटनाएं होने की संभावना ज्यादा रहती है इसलिए यात्रा करने से भी बचना चाहिए।



