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पटना: एकतरफा प्यार में हैवान बना वार्ड पार्षद का बेटा, नाबालिग को जिंदा जलाया, रूह कंपाने वाली वारदात

पटना की खौफनाक वारदात
Image Source : REPORTER

बिहार की राजधानी पटना में एक खौफनाक वारदात की घटना घटी है। 17 जनवरी 2026 को वार्ड पार्षद के बेटे ने एक नाबालिग 16 साल की 10वीं की छात्रा को पेट्रोल डालकर जिंदा जला दिया था। उस लड़की की 22 जनवरी की देर रात मौत हो गई है। यह खौफनाक वारदात पटना के गोपालपुर थाना क्षेत्र के बेरिया गांव की है, मृतक 10वीं कक्षा की छात्रा थी और अपने नानी के घर रहकर पढ़ाई कर रही थी। घटना के दिन वह नानी घर से अपने किराए के मकान लौट रही थी। तभी रास्ते में पहले से घात लगाए आरोपी वार्ड पार्षद शंभू पासवान के बेटे आदित्य ने उसे रोक लिया और घटना को अंजाम दिया।

वार्ड पार्षद के बेटे की हैवानियत
पटना के बेरिया गांव के वार्ड पार्षद शंभू पासवान का 22 वर्षीय बेटा आदित्य लंबे समय से छात्रा को रास्ते में रोककर जबरन बातचीत करने का दबाव बनाता था। 17 जनवरी को भी उसने पीपल के पेड़ के पास लड़की को घेर लिया और बात करने की जिद करने लगा। उसने जब इनकार किया तो आरोपी ने पहले उसे धमकाया और फिर कथित तौर पर एक फोटो दिखाकर उसे वायरल करने की बात कही। इतना ही नहीं, उसने पेट्रोल डालकर जिंदा जलाने की धमकी भी दी।

बात नहीं मानी तो जिंदा जला दिया
प्रत्यक्षदर्शियों और परिवार के अनुसार, बहस के दौरान आरोपी ने लड़की के ऊपर पेट्रोल उड़ेल दिया और माचिस जलाकर उस पर फेंक दिया। आग लगते ही लड़की चीखती-चिल्लाती हुई करीब 150 फीट तक सड़क पर दौड़ती रही और कुछ दूरी पर जाकर वह गिर पड़ी। आसपास मौजूद लोगों ने किसी तरह आग बुझाई और गंभीर रूप से झुलसी हालत में उसे आनन-फानन में पटना के नालंदा मेडिकल कॉलेज अस्पताल (NMCH) में भर्ती कराया।

छात्रा ने मौत से पहले का बयान

डॉक्टरों के अनुसार, छात्रा का शरीर लगभग पूरी तरह जल चुका था और पिछले छह दिनों से वह जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ रही थी। लेकिन 22 जनवरी 2026 रात उसने दम तोड़ दिया। पुलिस को दिए अपने बयान में छात्रा ने पूरी घटना बयां की थी। उसने बताया कि आरोपी ने पहले पेट्रोल छिड़का, फिर एक माचिस की तीली जलाकर डराने के लिए फेंकी, इसके बाद दूसरी तीली जलाकर सीधे उसके शरीर पर फेंक दी। आग लगते ही वह चीखने लगी और भागने लगी, लेकिन कुछ ही दूरी पर बेहोश होकर गिर पड़ी। 

पिता ने बताया-मेरी बेटी पढ़ना चाहती थी
छात्रा के पिता दिलीप कुमार ने बताया कि उनकी बेटी रोज उसी रास्ते से पढ़ाई के लिए आती-जाती थी और आरोपी आदित्य आए दिन उसे परेशान करता था। पिता ने कहा, “मेरी बेटी सिर्फ पढ़ना चाहती थी, लेकिन उसकी सादगी और चुप्पी को आरोपी ने उसकी कमजोरी समझ लिया था।” घटना के बाद से आरोपी आदित्य फरार था, फिर पुलिस की गिरफ्तारी से बचते हुए पटना सिटी न्यायालय में उसने आत्मसमर्पण कर दिया है।

(पटना से बिट्टू कुमार की रिपोर्ट)

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