
क्या आप जानते हैं कि कभी-कभी सेहत का रास्ता आसान और मजेदार भी हो सकता है। थोड़ा रुकिए, गहरी सांस लीजिए, जीवन की सारी परेशानियों को इस तरह से हल्का करके उड़ा दीजिए। इस तरीके से बॉडी और माइंड दोनों को रिलैक्स करने में मदद मिल सकती है। जब हम बबल फुलाते हैं, तो सांस धीरे-धीरे लेते हैं और फिर कंट्रोल में बाहर छोड़ते हैं, ऐसा करने से तनाव कम होता है, दिमाग शांत होता है और इसी दौरान कुछ देर वॉक भी कर ली जाए, तो शरीर शुगर को बेहतर तरीके से इस्तेमाल करना शुरू कर देता है।
गौर करने वाली बात- मजे-मजे में मूवमेंट के साथ सेहत को फायदा भी मिल सकता है। जिन लोगों की शुगर बाउंड्री के बाहर चल रही है या जो अब भी ये समझ रहे हैं कि उन्हें तो कोई दिक्कत महसूस नहीं होती, उन्हें सावधान हो जाना चाहिए। प्री-डायबिटीज के लक्षण ज्यादातर लोगों को समझ नहीं आते और जब टेस्ट के बाद पता चलता है, तब तक शरीर डायबिटीज की तरफ बढ़ चुका होता है। आपको याद दिला देते हैं कि देश में करीब 11 करोड़ लोग डायबिटीज से जूझ रहे हैं और तकरीबन 14 करोड़ लोग प्री-डायबिटीज की गिरफ्त में हैं यानी शुगर अभी पूरी बीमारी नहीं बनी, लेकिन खतरे की घंटी बज चुकी है।
गर्मियों में हो जाएं सावधान– गर्मी के मौसम में पानी कम पीना, स्वीटनर-कोल्ड ड्रिक्स का ज्यादा सेवन, सुस्ती, कम चलना-फिरना, पेट के आसपास फैट बढ़ना, ये सब शुगर को और बिगाड़ सकते हैं। इसलिए वक्त रहते संभलना बहुत जरूरी है। रोज थोड़ा चलिए, तनाव घटाइए, वजन पर लगाम लगाइए, नींद पूरी लीजिए और अपनी शुगर की जांच को टालिए मत क्योंकि सही वक्त पर उठाया गया छोटा कदम, डायबिटीज और उसके जानलेवा कॉम्प्लिकेशंस से बचा सकता है।
डायबिटीज के लक्षण और उपाय- ज्यादा प्यास लगना, बार-बार यूरिन आना, बहुत भूख लगना, वजन घटना, चिड़चिड़ापन, थकान, कमजोरी और धुंधला दिखना, इस तरह के लक्षण डायबिटीज का संकेत हो सकते हैं। हाई शुगर ब्रेन, आंख, हार्ट, लिवर, किडनी और जॉइंट्स के लिए हानिकारक साबित हो सकती है। शुगर कंट्रोल करने के लिए खीरा-करेला-टमाटर का जूस लें, गिलोय का काढ़ा पिएं, मंडूकासन-योगमुद्रासन करें और 15 मिनट कपालभाति करें। रोज 1 चम्मच मेथी पाउडर खाएं, सुबह लहसुन की 2 कली खाएं, गोभी-करेला-लौकी खाएं और ब्लड शुगर लेवल पर काबू पाएं।



