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यूपी में UGC पर इस्तीफे ही इस्तीफे-आखिर ये हो क्या रहा है


उत्तर प्रदेश में शंकराचार्य से जुड़े विवाद के बीच इस्तीफों का सिलसिला जारी है. बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट के इस्तीफे के बाद अब अयोध्या से जीएसटी के डिप्टी कमिश्नर प्रशांत कुमार सिंह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समर्थन में इस्तीफा दे दिया है.

प्रशांत कुमार सिंह ने राज्यपाल को दो पन्नों का इस्तीफा भेजा है. अपने बयान में उन्होंने कहा कि वह प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के समर्थन में इस्तीफा दे रहे हैं.

उन्होंने कहा, ‘जिस प्रदेश का नमक खाता हूं और जहां से मुझे वेतन मिलता है, मैं उसका पक्षधर हूं. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लोकतांत्रिक तरीके से चुने हुए मुख्यमंत्री हैं और उनका अपमान मैं बर्दाश्त नहीं कर सकता.’

UGC पर राजनीति से दुखी
प्रशांत कुमार सिंह ने कहा कि शंकराचार्य द्वारा मुख्यमंत्री योगी पर की गई कथित अभद्र टिप्पणी से वह आहत थे और पिछले तीन दिनों से मानसिक तनाव में थे. उन्होंने यह भी कहा कि यूजीसी के नाम पर जिस तरह की राजनीति की जा रही है, उससे दुखी होकर वह यह निर्णय ले रहे हैं.

उन्होंने यह भी कहा कि जब उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया जाएगा, तो वह अपने संसाधनों से सामाजिक कार्यों में लग जाएंगे.

बरेली में भी हुआ इस्तीफा
इससे पहले 26 जनवरी को बरेली में सिटी मजिस्ट्रेट पद से इस्तीफा देने वाले आलंकार अग्निहोत्री ने उत्तर प्रदेश में ‘ब्राह्मण विरोधी अभियान’ चलने का आरोप लगाया था. उन्होंने कहा था कि राज्य में ब्राह्मण समाज को निशाना बनाकर प्रताड़ित किया जा रहा है.

अब BJP नेता शशि तोमर ने दिया इस्तीफा

विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के नए नियम का सवर्ण संगठन पुरजोर विरोध कर रहा है. वहीं बीजेपी में भी इसको लेकर बवाल मचा हुआ है. इन नए नियमों को ‘सवर्ण विरोधी’ और ‘काला कानून’ बताते हुए पार्टी के कई नेताओं ने नाराजगी जाहिर करते हुए इस्तीफा दे दिया है. इस बीच फिरोजाबाद में बीजेपी को तगड़ा झटका लगा है. यहां बीजेपी महिला मोर्चा की जिला मंत्री ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है.

जानकारी के मुताबिक यूजीसी कानून को लेकर बीजेपी महिला मोर्चा की जिला मंत्री शशि तोमर ने मंगलवार (27 जनवरी) को अपने पद से इस्तीफा दे दिया. उन्होंने व्हाट्सएप के जरिए पना त्यागपत्र भेजते हुए पार्टी के शीर्ष नेतृत्व पर सवर्ण समाज के बच्चों की शैक्षणिक स्वतंत्रता को प्रभावित करने का आरोप लगाया.

बीजेपी की सक्रिय सदस्य
शशि तोमर का कहना है कि वो चार बार बीजेपी की सक्रिय सदस्य रह चुकी हैं और पूर्व में क्षेत्र पंचायत सदस्य के रूप में भी जिम्मेदारी निभा चुकी हैं. उन्होंने बताया कि छात्र जीवन में वो अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) से जुड़ी रहीं और मध्यप्रदेश के मुरैना जिले में संगठन के लिए कार्य किया.

यूजीसी कानून का बहिष्कार
उन्होंने यूजीसी कानून को समाज विशेष के बच्चों को गुलामी की तरफ धकेलने वाला बताया साथ ही इसके पूर्ण बहिष्कार का ऐलान किया. उन्होंने कहा कि जब क्षत्राणियों ने राष्ट्र की रक्षा के लिए जौहर जैसे बलिदान दिए, तो आज वो अपने बच्चों के भविष्य की लड़ाई क्यों नहीं लड़ सकतीं. उन्होंने कहा कि सवर्ण समाज के बच्चों को गुलामी की जंजीरों से मुक्त कराने के लिए हर स्तर पर संघर्ष करने के लिए तैयार हैं.

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