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यूपी में आएगी क्रांति! योगी कैबिनेट की बैठक में 30 प्रस्तावों पर लगी मुहर


UP Cabinet Meeting Decisions: उत्तर प्रदेश सरकार की हालिया कैबिनेट बैठक ने एक बार फिर यह संकेत दिया है कि राज्य की नीतियों का फोकस अब केवल योजनाओं की घोषणा तक सीमित नहीं, बल्कि उनके ज़मीनी प्रभाव पर है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में कुल 32 प्रस्तावों पर विचार किया गया, जिनमें से 30 को मंजूरी मिल गई. इन निर्णयों का दायरा शिक्षा और स्वास्थ्य से लेकर शहरी विकास, पुनर्वास और बुनियादी ढांचे तक फैला हुआ है.

शिक्षकों और शिक्षा से जुड़े कर्मियों के लिए बड़ी राहत

कैबिनेट का सबसे अहम फैसला शिक्षा क्षेत्र से जुड़े लाखों कर्मचारियों के लिए आया है. बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों, मान्यता प्राप्त अनुदानित व स्ववित्तपोषित विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों, शिक्षामित्रों, विशेष शिक्षकों (CWSN), अनुदेशकों, कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों की वार्डेन, पूर्णकालिक व अंशकालिक शिक्षकों तथा प्रधानमंत्री पोषण योजना के रसोइयों को अब कैशलेस चिकित्सा सुविधा मिलेगी. इस योजना के तहत न केवल कर्मचारी बल्कि उनके आश्रित परिवार के सदस्य भी लाभान्वित होंगे. इसी कड़ी में माध्यमिक शिक्षा विभाग के अंतर्गत आने वाले अशासकीय सहायता प्राप्त और स्ववित्तपोषित माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षकों को भी कैशलेस इलाज की सुविधा देने का फैसला लिया गया है, जिससे स्वास्थ्य खर्च का बोझ काफी हद तक कम होगा.

बांग्लादेश से विस्थापित परिवारों के पुनर्वास की पहल

कैबिनेट ने मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए बांग्लादेश से विस्थापित हिंदू बंगाली परिवारों के पुनर्वास से जुड़े प्रस्ताव को भी स्वीकृति दी है. मेरठ जिले की मवाना तहसील के ग्राम नंगला गोसाई में झील की भूमि पर रह रहे 99 परिवारों को राष्ट्रीय हरित अधिकरण के आदेश के तहत सुरक्षित स्थान पर पुनर्वासित किया जाएगा. इसके साथ ही मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुरूप बहराइच जिले की मिहींपुरवा (मोतीपुर) तहसील के राजस्व ग्राम भरथापुर में आपदा प्रभावित परिवारों के पुनर्वास के लिए भूमि उपलब्ध कराने और आवश्यक बुनियादी सुविधाएं विकसित करने का भी निर्णय लिया गया है.

शहरी क्षेत्रों में सीवरेज और बुनियादी ढांचे पर निवेश

शहरों की आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने के लिए AMRUT 2.0 के तहत गोरखपुर नगर निगम में सीवरेज योजना जोन-ए-3 की परियोजना को मंजूरी दी गई है, जिस पर करीब 721.40 करोड़ रुपये खर्च होंगे. इसी तरह वाराणसी नगर निगम के अत्यधिक प्रभावित 18 वार्डों में से चार प्रमुख वार्डों—दुर्गाकुंड, नरिया सरायनंदन, जोल्हा उत्तरी और भेलूपुर—में सीवर लाइन बिछाने और गृह संयोजन के लिए लगभग 266.49 करोड़ रुपये की परियोजना को हरी झंडी दी गई है. इन परियोजनाओं से स्वच्छता और नागरिक सुविधाओं में बड़ा सुधार होने की उम्मीद है.

नई नीतियां और विकास की दिशा

कैबिनेट बैठक में शहरी क्षेत्रों में अवस्थापना सुविधाओं के विकास के लिए विकास शुल्क की संशोधित प्रणाली लागू करने और उससे संबंधित नियमों में बदलाव को मंजूरी दी गई. इसके साथ ही उत्तर प्रदेश शहरी पुनर्विकास नीति–2026 को लागू करने का फैसला लिया गया, जो आने वाले वर्षों में शहरों के सुनियोजित विकास की दिशा तय करेगी.

इसके अलावा मुरादाबाद में विज्ञान पार्क और नक्षत्रशाला की स्थापना के लिए मुरादाबाद विकास प्राधिकरण को कार्यदायी संस्था नामित किया गया है, जिससे विज्ञान और नवाचार को बढ़ावा मिलेगा. वहीं मुजफ्फरनगर की गंगा किसान सहकारी चीनी मिल, मोरना की पेराई क्षमता बढ़ाने, तकनीकी उन्नयन और नई चीनी मिल की स्थापना के प्रस्ताव को भी स्वीकृति दी गई है.

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