
Riyaa Senn: हिंदी सिनेमा की चकाचौंध में हर साल कई नए चेहरे अपनी किस्मत आजमाने आते हैं, लेकिन कुछ ही सितारे ऐसे होते हैं जो लंबे समय तक अपनी चमक बरकरार रख पाते हैं। ऐसी ही एक अभिनेत्री हैं रिया सेन, जिन्हें अभिनय की कला और खूबसूरती विरासत में मिली थी। रिया ने बहुत कम उम्र में मनोरंजन जगत में कदम रखा, लेकिन वह वह मुकाम हासिल नहीं कर पाईं जो उनकी मां मुनमुन सेन और नानी, महान अभिनेत्री सुचित्रा सेन ने हासिल किया था।
24 जनवरी को जन्मीं रिया सेन का फिल्मी सफर सफलताओं से ज्यादा विवादों और व्यक्तिगत चर्चाओं के कारण सुर्खियों में रहा।
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बाल कलाकार से ग्लैमरस एक्ट्रेस तक का सफर
ने महज 15 साल की उम्र में कैमरे का सामना करना शुरू कर दिया था। हालांकि, उनकी पहली बॉलीवुड उपस्थिति 1991 की फिल्म ‘विषकन्या’ में एक बाल कलाकार के रूप में हुई थी। मुख्य अभिनेत्री के तौर पर उन्होंने 1999 की तमिल फिल्म ‘ताजमहल’ से शुरुआत की। साल 2001 में आई फिल्म ‘स्टाइल’ से उन्हें हिंदी दर्शकों के बीच पहचान मिली। इसके बाद वे ‘झंकार बीट्स’, ‘शादी नं. 1’, और ‘अपना सपना मनी मनी’ जैसी कई फिल्मों में नजर आईं, लेकिन इनमें से अधिकांश फिल्में बॉक्स ऑफिस पर औसत रहीं या फ्लॉप हो गईं।
टैंट्रम्स और विवादों ने बिगाड़ा खेल
रिया सेन अपनी फिल्मों से ज्यादा अपने व्यवहार और विवादों के कारण इंडस्ट्री में बदनाम रहीं। कहा जाता है कि सेट पर उनका स्टाफ और क्रू के साथ व्यवहार काफी ‘टॉक्सिक’ रहता था। निर्माता-निर्देशक उन्हें कास्ट करने से कतराने लगे थे क्योंकि उनके नखरों (Tantrums) और बदसलूकी के किस्से मशहूर हो गए थे। इसके अलावा, एमएमएस लीक स्कैंडल और रेव पार्टियों में नाम आने की वजह से उनकी छवि को काफी नुकसान पहुंचा। इन विवादों ने उनके गिरते करियर की आग में घी डालने का काम किया।
जॉन अब्राहम से युवराज सिंह तक: निजी जीवन की चर्चाएं
रिया का निजी जीवन हमेशा किसी मसाला फिल्म की तरह रहा। बिपाशा बसु से पहले, और रिया सेन का रिश्ता काफी चर्चा में था; यहाँ तक कि उनकी शादी की खबरें भी उड़ने लगी थीं। हालांकि, करियर की खातिर दोनों अलग हो गए। इसके बाद रिया का नाम अश्मित पटेल, क्रिकेटर युवराज सिंह, श्रीसंत, अक्षय खन्ना और यहाँ तक कि लेखक सलमान रुश्दी के साथ भी जुड़ा। आज रिया बड़े पर्दे से दूर हैं, लेकिन एक ‘विवादास्पद स्टार’ के रूप में उनकी यादें दर्शकों के जहन में आज भी ताजा हैं।



