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रुपए की गिरावट बढ़ाएगा महंगाई, जनवरी से महंगा हो सकता टेलीविजन

रुपए की गिरावट बढ़ाएगा महंगाई, जनवरी से महंगा हो सकता टेलीविजन

जनवरी महीने में टेलीविजन की कीमतों में इजाफा देखने को मिल सकता है.Image Credit source: PTI

रुपए की गिरावट का असर आम लोगों की जिंदगी और जेब दोनों पर जल्द ही दिखाई दे सकता है. अगले साल यानी जनवरी के महीने में टेलीविजन की कीमतों में इजाफा देखने को मिल सकता है. रिपोर्ट के अनुसार मेमोरी चिप की बढ़ती कीमत और रुपए में रिकॉर्ड गिरावट के कारण अगले साल जनवरी से टेलीविजन की कीमतों में तीन से चार फीसदी की बढ़ोतरी हो सकती है. रुपये का मूल्य हाल ही में पहली बार 90 प्रति डॉलर के आंकड़े को पार कर गया है.

क्यों महंगा हो टेलीविजन?

रुपए में गिरावट ने उद्योग को असुरक्षित स्थिति में डाल दिया है, क्योंकि एक एलईडी टीवी में डॉमेस्टिक वैल्यू एडिशन केवल लगभग 30 फीसदी है और मुख्य घटक जैसे ओपन सेल, सेमीकंडक्टर चिप और मदरबोर्ड इंपोर्ट किए जाते हैं. इसके अलावा यह समस्या मेमोरी चिप संकट से भी जुड़ी हुई है, जहां एआई सर्वर्स के लिए हाई-बैंडविड्थ मेमोरी (एचबीएम) की भारी मांग के कारण ग्लोबल लेवल पर गंभीर कमी हो गई है, जिससे सभी प्रकार की मेमोरी (डीआरएएम, फ्लैश) की कीमतें आसमान छू रही हैं. चिप मैन्युफैक्चरिंग कंपनियां ज्यादा प्रॉफिट वाले एआई चिप पर फोकस कर रही हैं, जिससे टीवी जैसे ट्रेडिशनल अपलायंस के लिए सप्लाई कम हो रही है.

कितना महंगा हो सकता है टीवी?

हायर अप्लायंसेज इंडिया के अध्यक्ष एनएस सतीश ने बताया कि मेमोरी चिप की कमी और कमजोर रुपए के कारण एलईडी टीवी सेटों की कीमतों में तीन फीसदी की वृद्धि होगी. कुछ टीवी मेकर्स ने कीमतों में संभावित वृद्धि के बारे में अपने डीलर्स को पहले ही सूचित कर दिया है. थॉमसन, कोडक और ब्लाउपुंक्ट सहित कई ग्लोबल ब्रांड्स के लाइसेंस रखने वाली टीवी मेकर्स कंपनी सुपर प्लास्ट्रोनिक्स प्राइवेट लिमिटेड (एसपीपीएल) ने कहा कि ?पिछले तीन महीनों में मेमोरी चिप की कीमतों में 500 फीसदी का इजाफा हुआ है. एसपीपीएल के सीईओ अवनीत सिंह मारवाह के अनुसार, मेमोरी चिप संकट और रुपए की गिरावट के प्रभाव के कारण जनवरी से टेलीविजन की कीमतों में सात से 10 फीसदी की वृद्धि हो सकती है.

खतरे में जीएसटी से मिलने वाले बेनिफिट

यह समय ऐसे उद्योग के लिए बिल्कुल अनुकूल नहीं है जिसे हाल ही में सरकार द्वारा 32 इंच और उससे बड़े टीवी स्क्रीन पर जीएसटी को 28 फीसदी से घटाकर 18 फीसदी करने के बाद मांग में तेजी मिली थी, जिससे कीमतों में लगभग 4,500 रुपए की कमी आई थी. विश्लेषकों का कहना है कि कॉस्ट में होने वाली संभावित वृद्धि इस लाभ को कम कर सकती है. वीडियोटेक्स के निदेशक अर्जुन बजाज ने कहा कि मेमोरी चिप की कीमतों में भारी वृद्धि के कारण हम वर्तमान में लगातार दबाव का सामना कर रहे हैं, और उपलब्धता एक गंभीर चुनौती बनकर उभर रही है. स्रोत स्तर पर फ्लैश मेमोरी और डीडीआर4 की कीमतें 1,000 फीसदी तक बढ़ गई हैं, जिसका मुख्य कारण सप्लाई का एआई डेटा सेंटर्स की ओर मोड़ा जाना है.

कितना बड़ा है भारत का टीवी मार्केट

बाजार में पहले से ही सुस्ती के संकेत दिख रहे हैं. काउंटरपॉइंट रिसर्च के अनुसार, भारत में स्मार्ट टीवी की बिक्री 2025 की दूसरी तिमाही में पिछले वर्ष की तुलना में 4 फीसदी कम हो गई, जिसका मुख्य कारण छोटे स्क्रीन साइज के टीवी की बढ़ती मांग, नए टीवी की कम मांग और उपभोक्ता खर्च में कमी थी. इसके बावजूद, लॉन्गटर्म आउटलुक बरकरार है. भारत का टीवी मार्केट, जिसकी वैल्यू 2024 में 10-12 अरब डॉलर थी, बढ़ती डिस्पोजेबल इनकम, बड़े स्क्रीन की बढ़ती चाहत और ओटीटी कंटेंट के निरंतर आकर्षण के कारण बढ़ने की उम्मीद है. हालांकि, निकट भविष्य में, कंज्यूमर्स को लग सकता है कि अगला अपग्रेड अधिक कीमत पर मिलेगा.

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