IndiaRajasthan

Sadhvi Prem Baisa Last Rites: साध्वी प्रेम बाईसा को दी गई समाधि, हजारों का हुजूम उमड़ा… नम आंखों से दी गई विदाई, कई साधु-संत भी पहुंचे

Sadhvi Prem Baisa Last Rites: साध्वी प्रेम बाईसा को दी गई समाधि, हजारों का हुजूम उमड़ा... नम आंखों से दी गई विदाई, कई साधु-संत भी पहुंचे

साध्वी को उनके पैतृक गांव में समाधि दी गई.

राजस्थान की कथावाचक साध्वी प्रेम बाईसा को आज उनके पैतृक गांव परेऊ में समाधि दी गई. जिस आश्रम में उन्हें समाधि दी गई, उस शिव शक्ति धाम नामक आश्रम का निर्माण उन्होंने ही कराया था. इस मौके पर भारी संख्या में ग्रामीणों के साथ साधु-संत भी मौजूद रहें.

पूरे धार्मिक रीति रिवाज और विधि-विधान से उन्हें से समाधि दी गई. इस दौरान भारी संख्या में उनके अनुयायी भी वहां मौजूद रहें. साध्वी का पार्थिव शरीर कल देर रात पोस्टमार्टम के बाद जोधपुर जिले में उनके गांव स्थित उनके आश्रम में पहुंचा था.

संदिग्ध परिस्थितियों में हुई थी मौत

28 जनवरी को जोधपुर में शाम के समय संदिग्ध परिस्थितियों में साध्वी की मौत हो गई थी. इसके बाद यह पुलिस उनके आश्रम पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया था. हालांकि पोस्टमार्ट की रिपोर्ट अभी तक सामने नहीं आई है. स्थानीय लोगों की मानें तो जब वह मजह दो वर्ष की थी तो उनकी मां का निधन हो गया था. वहीं उनके पिता पिता वीरमनाथ ट्रक चालक हैं.

कहां से ली थी आध्यात्म की शिक्षा?

बताया जाता है कि उनकी मां बहुत ही धार्मिक प्रवृत्ति की थी, जिसका उनका गहरा असर पड़ा था. स्थानीय लोगों ने बताया कि उनके पिता उन्हें जोधपुर स्थित गुरुकृपा आश्रम लेकर गए, जहां उन्होंने संत राजाराम महाराज और संत कृपाराम महाराज से आध्यात्म की शिक्षा ली थी. यहीं से उन्होंने कथा वाचन और भजन गायन भी सीखा था.

शव गांव पहुंचते थी छा गया सन्नाटा

जब साध्वी प्रेम बाईसा का पार्थिव शरीर गुरुवार शाम को उनके पैतृक गांव परयू पहुंचा, तो पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई. उन्हें अंतिम श्रद्धांजलि देने के लिए गांव वालों और अनुयायियों की भारी भीड़ जमा हो गई.

साध्वी के सम्मान में स्थानीय व्यापारियों ने अपनी दुकानें बंद कर दी, जिससे पूरे गांव में सन्नाटा छा गया था. जैसे ही शव यात्रा शिव शक्ति धाम पहुंची, माहौल गमगीन हो गया. अपनी बेटी का पार्थिव शरीर देखकर पिता वीरमनाथ बेहोश हो गए थे.

contact.satyareport@gmail.com

Leave a Reply