
उत्तर प्रदेश में एआईएमआईएम के प्रदेश अध्यक्ष हाजी शौकत अली ने विवादित बयान दिया है। उन्होंने कहा, “हमें 111 नहीं सिर्फ 11 विधायक दे दो तो मैं आप से वादा करके जा रहा हूं, अगर उत्तर प्रदेश में किसी मुसलमान का एनकाउंटर होगा तो एनकाउंटर करने वाले का भी एनकाउंटर होगा।” उन्होंने यह भी कहा कि मुसलमानों के साथ इंसाफ नही होता। उन्होंने आगे कहा कि अगर मस्जिदों और मदरसों की रक्षा करनी है, तो उन्हें एक लाठी, एक झंडा, एक नेता तैयार करना होगा और विधानसभा तक पहुंचना होगा।
विकास से जुड़ी चिंताओं को उजागर करते हुए अली ने कहा कि प्रगति केवल गोरखपुर और सैफई तक ही सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि मेरठ जैसे शहरों तक भी पहुंचनी चाहिए। सड़कों पर नमाज अदा करने वालों के लाइसेंस रद्द करने संबंधी मेरठ के कप्तान के बयान का जिक्र करते हुए उन्होंने उम्मीद जताई कि रामनवमी के जुलूस के दौरान मस्जिदों के सामने ‘नागिन डांस’ जैसी हरकतों के खिलाफ भी इसी तरह की कार्रवाई की जाएगी।
AIMIM नेता ने यह भी दावा किया कि देश की आजादी में योगदान देने के बावजूद मुसलमानों को भारी अन्याय का सामना करना पड़ा है। उन्होंने आरोप लगाया कि मदरसों में ताले लगा दिए गए, झूठे आरोपों पर घरों को ढहा दिया गया और लोगों को गोलियां मारी गईं। उन्होंने राजनीतिक दलों की आलोचना करते हुए कहा कि जिन लोगों ने 111 विधायकों को चुनकर भेजा, वे अब कह रहे हैं कि यह उनकी सरकार नहीं है।
इस बीच, ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने घोषणा की है कि पार्टी आगामी पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव हुमायूं कबीर की ‘आम जनता उन्नयन पार्टी’ के साथ गठबंधन में लड़ेगी।



