
Avadhutwadi police station: स्थानीय एंटी-करप्शन ब्यूरो (ACB) ने यवतमाल शहर के अवधूतवाड़ी पुलिस स्टेशन के थानेदार नरेश रमेशराव रणधीर को 1 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार लिया। यह कार्रवाई आज शुक्रवार को अवधूतवाड़ी थाने के नए भवन में की। उधार दिए गए पैसे वापस पाने के बदले में थानेदार रणधीर ने शिकायतकर्ता से रिश्वत मांगी थी। इस कार्रवाई से पुलिस महकमे में हडकंप मच गया है।
उल्लेखनीय है कि शहर का निवासी शिकायतकर्ता ने अपने एक दोस्त को छह महीने के लिए 10 लाख रुपये उधार दिए थे। लेकिन, तय समय खत्म होने के बाद भी संबंधित दोस्त ने पैसे वापस नहीं किए। इस मामले में, शिकायतकर्ता ने 10 दिसंबर को अवधूतवाड़ी पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई थी।
इस शिकायत पर संज्ञान लेते हुए थानेदार नरेश रणधीर ने पैसे वापस दिलाने के बदले में 5 लाख रुपये की रिश्वत मांगी थी। ACB की जांच में 3 लाख रुपये मांगे जाने की बात स्पष्ट हुई। शिकायतकर्ता इस मामले में अमरावती ACB के पास गया और शिकायत दर्ज कराई।
घूस की पहली किश्त पड़ी भारी
आज, 12 दिसंबर को पता चला कि रणधीर 3 लाख रुपये लेने के लिए तैयार हो गया था। बाद में, दोपहर करीब 1:45 से 2:20 बजे, ACB की एक टीम ने छापा मारा और उसे अवधूतवाड़ी पुलिस स्टेशन में अपने ही ऑफिस में रिश्वत की पहली किस्त के तौर पर 1 लाख रुपये लेते हुए गिरफ्तार कर लिया।
थानेदार के खिलाफ केस दर्ज
आरोपी नरेश रमेशराव रणधीर (52) मूल रूप से अम्मलनेर (जलगांव जिला) का रहने वाला है और यवतमाल में कार्यरत है। उनके खिलाफ अवधूतवाड़ी पुलिस स्टेशन में देर रात तक केस दर्ज करने की प्रक्रिया चल रही थी।
थाने की नई इमारत में पहली कार्रवाई
प्राप्त जानकारी अनुसार शहर की बढती जनसंख्या और अपराध को देखते हुए वर्ष 2005 में आज से 20 वर्ष पहले अवधुतवाडी पुलिस थाना की स्थापना हुई थी। इस वर्ष इस थाने के गोधनी मार्ग पर स्थित नए भवन से कामकाज शुरू हुआ।
अवधुतवाडी थाना पहले भी विवादों में रहा है। पुराने भवन का अवैध निर्माण चर्चा में रहा था। हाई कोर्ट के आदेश अनुसार उस भवन को तोडा गया। तो नए भवन में एसीबी की यह पहली कार्रवाई है जिसमें थाने के इंचार्ज ही रिश्वत लेते धरे गए।



