
Image Source : FREEPIK
लोगों के मन में काढ़ा के साथ एक धारणा चलती है कि इसे केवल सर्दियों में ही पिया जा सकता है या किसी प्रकार के संक्रमण के समय ही काढ़ा दिया जाता है। अक्सर गर्मियां शुरू होते ही पेरेंट्स के मन में यह सवाल आने लगता है कि क्या गर्मी में काढ़ा पी सकते हैं। क्या इस मौसम में बच्चों को काढ़ा दे सकते हैं, क्योंकि काढ़े का तासीर गर्म होती है। आयुर्वेदिक डॉक्टर से इसके बारे में जानते हैं कि क्या गर्मी में काढ़ा पी सकते हैं।
आयुर्वेदिक डॉक्टर चंचल शर्मा (आशा आयुर्वेदा की डायरेक्टर और स्त्री रोग विशेषज्ञ) के अनुसार आप हर मौसम में काढ़ा का सेवन कर सकते हैं, इससे आपके हॉर्मोन संतुलित रहते हैं लेकिन यहां समझने की बात यह है कि हर मौसम में काढ़ा में जाने वाली सामग्री अलग अलग हो सकती है और इसका चयन आपके शरीर की प्रकृति के अनुसार किया जाता है।
आयुर्वेद में काढ़ा क्या है?
आयुर्वेद में सदियों से काढ़ा का प्रयोग किया जा रहा है। इसके लिए एक पतीले में पानी के साथ कुछ आयुर्वेदिक औषधियों को उबाला जाता है और फिर उसे छानकर पिया जाता है। इसलिए यह जानना बहुत जरूरी है कि किस मौसम में काढ़े में कौन सी औषधि का प्रयोग किया जायेगा। इसके सेवन से आपकी पाचन शक्ति मजबूत होती है और इम्युनिटी बूस्ट होती है। यह कई प्रकार के संक्रमण और रोगों से आपकी रक्षा करता है।
गर्मियों में शरीर की प्रकृति
गर्मी के मौसम में आपके शरीर में पित्त दोष का प्रकोप बढ़ जाता है। पित्त का स्वभाव उष्म होता है इसलिए गर्मियों में गर्म तासीर वाली चीजों से बना हुआ काढ़ा नुकसानदायक हो सकता है। इससे बड़े और बच्चों को पेट की समस्या हो सकती है। इससे मुंह में छाले भी हो सकते है और मन चिड़चिड़ा हो सकता है।
क्या गर्मी में काढ़ा देना चाहिए?
गर्मी में आप जरूरत पड़ने पर बड़े और बच्चों को काढ़ा दे सकते हैं लेकिन कुछ बातों का ध्यान रखते हुए।
- काढ़े में गर्म तासीर वाली औषधियों का प्रयोग न करें।
- काढ़े को संतुलित मात्रा में ही पिएं।
- कोशिश करें कि बच्चों को काढ़ा तभी दें जब किसी प्रकार का संक्रमण या सर्दी-जुकाम हो।
गर्मी में कैसा काढ़ा पीना चाहिए?
गर्मियों में ऐसी सामग्री का प्रयोग करना चाहिए जो शरीर के अंदर जाकर आपको शीतलता प्रदान करें और बहुत हैवी न लगे। आप अपने काढ़े में 3-4 तुलसी के ताजा पत्ते डाल सकते हैं। गले की समस्या से राहत पाने के लिए आप मुलेठी का इस्तेमाल कर सकते हैं। शरीर को ठंडा रखने और पाचन को सुधारने के लिए आप सौंफ का प्रयोग कर सकते हैं। इसी के साथ आप धनिया का बीज को भी काढ़ा में मिला सकते हैं।



