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सर्दियों में रोज नहाना चाहिए या नहीं? जान लें क्या कहते हैं हेल्थ एक्सपर्ट

सर्दियों में रोज नहाना चाहिए या नहीं? जान लें क्या कहते हैं हेल्थ एक्सपर्ट

सर्दियों के मौसम में हर किसी के साथ एक कशमकश रहती है कि आज नहाएं या नहीं। कड़ाके की ठंड में ठंडे पानी से लोग दूर भागते हैं। ऐसे में नहाना किसी जंग लड़ने से कम नहीं होता। कई बार लोगों को घर वालों के दवाब में आकर नहाना पड़ता है। कई बार ठंड में नहाने से लोग बीमार भी ज्यादा पड़ते हैं। ऐसे में लोगों के मन में एक सवाल हमेशा रहता है कि क्या सर्दियों में रोज नहाना चाहिए या नहीं। चलिए डॉक्टर स्मित वढेर से जानते हैं कि सर्दियों में रोजाना नहाना चाहिए या नहीं।
डॉ. स्मित वढेर, एमबीबीएस, डीएनबी (ईएनटी), फेलो राइनोलॉजी और स्कल बेस सर्जरी, नमः अस्पताल, मुंबई का कहना है कि मौसम कोई भी हो, उसमें नहाना बेहद जरूरी है। इससे शरीर साफ और शुद्ध रहता है। इंसान ताजगी भी फील करता है। डॉ. स्मित वढेर ने बताया कि इन दिनों उत्तर भारत में कड़ाके की ठंड पड़ रही है। यहां के लोगों में ठंड के मौसम में नहाने और नहीं नहाने को लेकर अक्सर सवाल रहते हैं। ऐसे में उनका कहना है कि हर तरह के मौसम में नहाना बहुत जरूरी है। भले आप बीमार क्यों न हों? अगर किसी को जुकाम, बुखार और सिर दर्द भी है, तो भी यूकेलिप्टस और नीम के कैप्सूल डाल सकते हैं। इससे बीमारी से आपको राहत मिल सकती है।
ये सही है कि बहुत ज्यादा गरम और बहुत अधिक ठंडे पानी से नहाने से बचना चाहिए। किसी को बुखार भी है, तो भी उसे नहाने के लिए मना नहीं करना चाहिए। इससे हाईजीन मेंटेन रहता है। शरीर सुस्त भी नहीं रहता है। बॉडी का ब्लड फ्लो बेहतर ढंग से होता है। डॉ. स्मित ने बताया कि नहाने के पहले बाल्टी में गरम पानी का भांप ले सकते हैं। उनका कहना है कि एक बार को सिर नहीं धोएं, लेकिन बॉडी क्लीन जरूर करें। बेड पर लेटे मरीज को नहीं नहला सकते, मगर, उसकी बॉडी भी साफ की जाती है। नहाने से शरीरी की डेड स्किन निकल जाती है, जो कि बहुत जरूरी है। वरना, बॉडी में कीटाणु बढ़कर बीमार कर सकते हैं। जिनता खुद को क्लीन रखेंगे, उतना सही रहेगा। नहाने के दौरान एंटीसेप्टिक साबुन का प्रयोग भी किया जा सकता है।
सर्दियों में हमारा शरीर थोड़ा सुस्त हो जाता है। जब आप गुनगुने पानी से नहाते हैं, तो शरीर का तापमान बढ़ता है जिससे रक्त कोशिकाएं फैलती हैं। इससे पूरे शरीर में ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है, जो दिल की सेहत और मांसपेशियों की सक्रियता के लिए अच्छा है।
रात को सोने से कुछ देर पहले हल्के गर्म पानी से नहाने से शरीर का तापमान नियंत्रित होता है। यह आपके दिमाग को संकेत देता है कि अब आराम करने का समय है, जिससे आपको गहरी और सुकून भरी नींद आती है।
अगर आप हल्के गर्म पानी से नहाते हैं, तो उसकी भाप (Steam) बंद नाक और गले की खराश में राहत देती है। यह फेफड़ों के मार्ग को साफ करने में मदद करता है, जिससे सर्दियों में होने वाली सामान्य सर्दी-जुकाम से बचा जा सकता है।’
ठंड के मौसम में दिनभर काम करने के बाद शरीर में अकड़न महसूस हो सकती है। गुनगुने पानी से नहाने से मांसपेशियों को आराम मिलता है। मानसिक तनाव कम होता है। शरीर में ‘एंडोर्फिन’ (Endorphins) जैसे फील-गुड हार्मोन रिलीज होते हैं, जो मूड को खुशनुमा बनाते हैं।

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