छत्तीसगढ़ के बिलासपुर के जंगलों में बड़े पैमाने पर सागौन लकड़ी की तस्करी हो रही है। इसका खुलासा मंगलवार की रात उस समय हुआ, जब जंगल से सागौन का पेड़ काटकर उसकी तस्करी करने वाला गिरोह पेट्रोलिंग टीम को देखकर भाग निकला। इस दौरान उन्होंने स्कॉर्पियो को जंगल के बीच झाड़ियों में छिपा दिया। उसकी तलाशी लेने पर सागौन का लट्ठा और सिलपट बरामद हुआ, जिसे जब्त कर बेलगहना डिपो पहुंचाया गया।
दरअसल, वन विभाग की टीम को पिछले कुछ दिनों से जानकारी मिल रही थी कि कोटा क्षेत्र के बेलगहना के जंगल में सागौन के पेड़ों की कटाई कर परिवाहन किया जा रहा है। जिस पर अफसरों ने मैदानी अमले को अलर्ट किया। इस बीच मंगलवार की रात अफसर पेट्रोलिंग टीम के साथ जंगल की सर्चिंग पर निकले।
टीम को देखते ही जंगल की ओर भागे तस्कर
इस दौरान टीम गश्त कर रही थी। तभी कोटा-बेलगहना मुख्य मार्ग पर कक्ष क्रमांक 1202 /2470 के पास एक स्कॉर्पियो खड़ी दिखी। स्कार्पियों का ड्राइवर वन विभाग के गश्ती दल को देखकर तेजी से जंगल की तरफ भागने लगा। इस पर टीम ने उसका पीछा किया। लेकिन, कुछ दूर जाने के बाद चालक ने मौका पाकर स्कॉर्पियो जंगल के बीच झाड़ियों में खड़ी कर दिया और अंधेरे का फायदा उठाकर भाग निकला।
स्कॉर्पियो की जांच की तो उसमें 6 नग सागौन का लट्ठा और 1 नग सागौन सिलपट रखा था। वहां से वाहन व लकड़ी को जब्त करके पूरी टीम वापस पहुंची, जहां पर उन्होंने स्कॉर्पियो खड़ी थी। वहां जंगल के अंदर सर्च करने पर उन्हें 3 लट्ठा सागौन का और मिला। उसे भी जब्ती बनाकर बेलगहना डिपो भिजवाया गया। जब्त लकड़ी की कीमत 30 हजार रुपए और जब्त वाहन की कीमत 2 लाख रुपए बताई जा रही है।




