
समाजवादी पार्टी के नेता एसटी हसन ने दिल्ली के तुर्कमान गेट इलाके की फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास हुए बवाल को सही ठहराया है। यहां अतिक्रमण हटाने पहुंची नगर निगम दिल्ली और पुलिस की टीम पर मंगलवार-बुधवार की दरमियानी रात में पत्थरबाजी हुई थी, जबकि कोर्ट के ऑर्डर पर ये कार्रवाई हो रही थी। हालांकि, एसटी हसन ने अतिक्रमण विरोधी इस ड्राइव की आलोचना की और कहा कि मुसलमानों के प्रति दुश्मनी में सारी हदें पार कर दी गई हैं।
एसटी हसन ने कहा कि जब आस्था और भावनाओं से जुड़े धार्मिक स्थलों पर कार्रवाई होगी, तो इस एक्शन का रिएक्शन तो होगा ही। यह 100 साल पुरानी मस्जिद है। इसकी दुकानें भी पुरानी हैं। जब अतिक्रमण हटाने के नाम पर जुल्म किया जाएगा, तो लोग कब तक उसका विरोध नहीं करेंगे, कब तक खुद को रोकेंगे?
उन्होंने कहा, ‘आखिर कब तक मस्जिदों, मदरसों और दूसरी चीजों को ऐसे ही गिराते रहेंगे? अगर कल वो दिल्ली की जामा मस्जिद गिराने का निर्णय कर लें तो क्या होगा? मालिकाना हक का तो उसका भी कोई सबूत नहीं है। उनका नक्शा नहीं पास है तो क्या उसको भी अवैध माना जाएगा।
एसटी हसन बोले, ‘उन्होंने मुस्लिमों के प्रति अपनी दुश्मनी में सारी हदें क्रॉस कर दी हैं। हिंसा जिन लोगों ने भड़काई, उनके खिलाफ एक्शन होना चाहिए। अगर कोई अवैध अतिक्रमण था, तो उन अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई होनी चाहिए, जिनकी मौजूदगी में यह सब हुआ।’
तुर्कमान गेट मामले पर बोलते हुए एसटी हसन ने कहा, ‘अगर जनता सड़कों पर उतर आएगी तो हालात आपे से बाहर हो जाएंगे। इसलिए बहुत सोच-समझकर ईमानदार तरीके से कार्रवाई करनी चाहिए।
दिल्ली पुलिस के अनुसार, पत्थरबाजी की घटना में शामिल 30 लोगों की पहचान कर ली गई है। वायरल वीडियो और CCTV फुटेज के आधार पर दंगाइयों की पहचान कर ली है। इसके लिए 400 से ज्यादा वीडियो खंगाले गए हैं। उन्हें पकड़ने के लिए पुलिस की टीमें रेड कर रही हैं।



