मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने गुरुग्राम में क्रिकेट एसोसिएशन फॉर द ब्लाइंड इन इंडिया द्वारा आयोजित इंडसइंड बैंक नागेश ट्रॉफी (8वां संस्करण) राष्ट्रीय पुरुष दृष्टिहीन क्रिकेट प्रतियोगिता का उद्घाटन किया. इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि गुरुग्राम की पावन धरती पर आयोजित यह प्रतियोगिता आने वाले दिनों में अनेक प्रेरक कहानियां गढ़ेंगी और यहां से निकलने वाले खिलाड़ी आने वाली पीढ़ियों के लिए आदर्श बनेंगे.
मुख्यमंत्री सैनी ने कहा कि जब कोई बच्चा किसी दृष्टिहीन खिलाड़ी को मैदान में शानदार प्रदर्शन करते हुए देखता है, तो उसके मन में यह विश्वास पैदा होता है कि कोई भी सपना असंभव नहीं है. उन्होंने कहा कि नागेश ट्रॉफी जैसी प्रतियोगिताएं समाज में सम्मान, अवसर और समानता की भावना को और मजबूत करती हैं.
गुरु द्रोणाचार्य की पावन धरती गुरुग्राम में आज नेत्र दिव्यांग T-20 क्रिकेट टूर्नामेंट का उद्घाटन कर खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया। यह आयोजन खेल प्रतियोगिता के साथ इन खिलाड़ियों के आत्मविश्वास, संकल्प और साहस की जीत का उत्सव है।
नागेश ट्रॉफी के इस आठवें संस्करण में 29 राज्यों pic.twitter.com/fKHcRlhGyj
— Nayab Saini (@NayabSainiBJP) February 9, 2026
खेल से समाज की सोच बदलता है
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि यह आयोजन यह भी याद दिलाता है कि खेल केवल जीत-हार तक सीमित नहीं है, बल्कि यह चरित्र निर्माण, आत्मअनुशासन और सामाजिक एकता का सशक्त माध्यम है. उन्होंने कहा कि जब खिलाड़ी मैदान में उतरते हैं, तो वे सिर्फ क्रिकेट नहीं खेलते, बल्कि समाज की सोच को बदलने का कार्य भी करते हैं.
सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में डबल इंजन की सरकार सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबके प्रयास के मंत्र को पूरी प्रतिबद्धता के साथ साकार कर रही है. केंद्र और राज्य सरकार मिलकर दिव्यांगजनों के सशक्तिकरण के लिए निरंतर प्रयास कर रही हैं.



