
बरेली: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में गुरुवार को लोक भवन में उत्तर प्रदेश कैबिनेट की बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में कुल 32 प्रस्तावों में से 30 को मंजूरी दी गई, जबकि 14वें और 17वें प्रस्ताव को फिलहाल रोक दिया गया। इसी बैठक में उत्तर प्रदेश विधानमंडल के बजट सत्र की तारीखों पर भी मुहर लगाई गई। विधानमंडल का बजट सत्र 9 फरवरी से प्रारंभ होगा, जिसमें 11 फरवरी को वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट पेश किया जाएगा।
शिक्षकों को मिली बड़ी सौगात
कैबिनेट बैठक में बेसिक और माध्यमिक शिक्षा विभाग के शिक्षकों एवं अन्य कर्मियों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा देने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने बताया कि इस फैसले से लगभग 11.92 लाख शिक्षक, शिक्षामित्र, अनुदेशक और रसोइए लाभान्वित होंगे।
यह सुविधा आयुष्मान भारत योजना की तर्ज पर पूरी तरह कैशलेस होगी। इसके क्रियान्वयन पर कुल 358.61 करोड़ रुपये का व्यय आएगा। माध्यमिक शिक्षा विभाग के अंतर्गत आने वाले 2,97,579 कर्मचारियों पर लगभग 89.25 करोड़ रुपये का खर्च अनुमानित है। जो कर्मचारी पहले से किसी अन्य सरकारी स्वास्थ्य योजना से आच्छादित हैं, उन्हें इस योजना का लाभ नहीं मिलेगा। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बीते वर्ष 5 सितंबर को शिक्षक दिवस के अवसर पर शिक्षकों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा देने की घोषणा की थी, जिसे अब कैबिनेट की मंजूरी मिल गई है।
कैबिनेट बैठक के अन्य महत्वपूर्ण फैसले
शहरी पुनर्विकास नीति 2026 को मंजूरी
भवन नक्शा पास कराने की प्रक्रिया को सरल बनाया जाएगा
विकास शुल्क की संशोधित दरें लागू होंगी
बरेली में विज्ञान पार्क और नक्षत्रशाला की स्थापना
मुरादाबाद में भी विज्ञान पार्क और नक्षत्रशाला की स्थापना
आपदा प्रभावित परिवारों के पुनर्वास को मंजूरी
कैबिनेट बैठक में आपदा प्रभावित परिवारों के पुनर्वास को लेकर भी अहम निर्णय लिया गया। प्रभावित परिवारों को सरकारी आवास और भूमि का पट्टा दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने बहराइच जिले के राजस्व ग्राम परतापुर सहित अन्य प्रभावित गांवों में पुनर्वास के लिए भूमि की व्यवस्था के निर्देश दिए थे।
उल्लेखनीय है कि इस क्षेत्र में नदी पार करने के दौरान 29 लोगों में से 9 की मृत्यु हो गई थी। आपदा के बाद क्षेत्र का हवाई सर्वेक्षण कराया गया और प्रभावित परिवारों के पुनर्वास की प्रक्रिया शुरू की गई। मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत 136 परिवारों को आवास के साथ-साथ कृषि के लिए आवश्यक भूमि का पट्टा भी प्रदान किया जाएगा।



